सुविचार 1983

ज़िन्दगी कि सच्चाई को जानो, ज़िन्दगी कि आधी परेशानियां ऎसे ही दूर हो जाएँगी.

मस्त विचार 1858

जानते हो तो फिर मुझसे पूछते क्यों हो,

दुखा के दिल मेरा इतना सोचते क्यों हो,

दिल मेरा जानकार दुखाने वाले सुन,

जो बात सुन नहीं सकते वो सुनाते क्यों हो.

सुविचार 1982

लोग अपनी सारी जिंदगी औरों को गिराने में और उन्हें गिराकर खुद ऊपर उठने में क्यों जाया करते हैं ?

मस्त विचार 1857

उम्मीदों से बंधा एक जिद्दी परिंदा है इंसान,

जो घायल भी उम्मीदों से है और जिन्दा भी उम्मीदों पे है.

सुविचार 1981

जो अपने क़दमों की काबिलियत पर विश्वास रखते हैं, वो ही अक्सर मंजिल पर पहुंचते हैं.

मस्त विचार 1856

*”Impossible”* को गौर से देखो , वो खुद कहता है

*””I m Possible””*

बस, देखने का नजरिया बदल दो और नामुमकिन को मुमकिन करो.

Collection of Thought 567

Never cry for the person who hurts you, just smile and say, thank you for giving me a chance to find someone better than you.

कभी उस इंसान के लिए मत रोओ जो तुम्हे दुख दे, बस मुस्कुराओ और कहो, शुक्रिया तुमसे से बेहतर किसी को खोजने का मौका देने के लिए.

सुविचार 1980

भागो नहीं, जागो

हम हमेशा अपने दुखों और जिम्मेदारियों से भागते रहते हैं, उनसे बचने के बहाने खोजते रहते हैं. अपनी गलतियों और कमियों के लिए दूसरों को जिम्मेदार ठहराते रहते हैं, लेकिन ऐसा करके भी हम खुश नहीं रह पाते. हमें परिस्थितियों से भागना नहीं चाहिए.

सुविचार 1979

दूसरे को नहीं, खुद को बदलें…

देखा जाए तो परोक्ष रूप से मनुष्य के तमाम दुखों और तकलीफों का आधार यह सोच रही है कि मेरे दुख का कारण सामने वाला है. हम परिस्थितियों या किस्मत के साथ भी यही रवैया रखते हैं कि वह बदलें हम नहीं.

error: Content is protected