मस्त विचार 1858
दुखा के दिल मेरा इतना सोचते क्यों हो,
दिल मेरा जानकार दुखाने वाले सुन,
जो बात सुन नहीं सकते वो सुनाते क्यों हो.
सुविचार 1982
मस्त विचार 1857
जो घायल भी उम्मीदों से है और जिन्दा भी उम्मीदों पे है.
सुविचार 1981
मस्त विचार 1856
*””I m Possible””*
बस, देखने का नजरिया बदल दो और नामुमकिन को मुमकिन करो.
मस्त विचार 1855
तू आजा मुझमे….फिर तू ही तू रह जाएगा…
Collection of Thought 567
कभी उस इंसान के लिए मत रोओ जो तुम्हे दुख दे, बस मुस्कुराओ और कहो, शुक्रिया तुमसे से बेहतर किसी को खोजने का मौका देने के लिए.
सुविचार 1980
हम हमेशा अपने दुखों और जिम्मेदारियों से भागते रहते हैं, उनसे बचने के बहाने खोजते रहते हैं. अपनी गलतियों और कमियों के लिए दूसरों को जिम्मेदार ठहराते रहते हैं, लेकिन ऐसा करके भी हम खुश नहीं रह पाते. हमें परिस्थितियों से भागना नहीं चाहिए.
सुविचार 1979
देखा जाए तो परोक्ष रूप से मनुष्य के तमाम दुखों और तकलीफों का आधार यह सोच रही है कि मेरे दुख का कारण सामने वाला है. हम परिस्थितियों या किस्मत के साथ भी यही रवैया रखते हैं कि वह बदलें हम नहीं.




