सुविचार 1914
जब आप किसी शख्श को उसकी दौलत की वजह से इज्जत देने लगो,
तो समझ लेना की आपने अपना ईमान गंवा दिया है.
उन्हें एक दिन हाथ भी पसारने पड़ते हैं.
हम जरा से क्या बदले…सबको हैरत हो गई.
जिन्हें हमारी फ़िक्र होती है.
“लोगों को तर्क से कभी मत जीतो, बल्कि अपनी चुप्पी से उन्हें हराओ… क्योंकि जो लोग
हमेशा आपसे बहस करना चाहते हैं, वे आपकी चुप्पी बर्दाश्त नहीं कर सकते…”चुप रहो, समझदार बनो.