सुविचार 1978

मनुष्य या तो अपने बीते हुए पलों में खोया रहता है या फिर अपने भविष्य की चिंताओं में डूबा रहता है. दोनों सूरतों में वह दुखी रहता है. जबकि वास्तविक जीवन वर्तमान में है. उसका संबंध किसी बीते हुए या आने वाले कल से नहीं है. जो वर्तमान में जीता है वही हमेशा खुश रहता है.

सुविचार 1977

किसी भी महान कार्य में किसी को वंचित करना, यह उन्हें वंचित करना नहीं, बल्कि स्वंयम को उस महान कार्य से वंचित करना है.

सुविचार 1976

दो ही चीजें ऐसी हैं, जिन्हें देने में किसी का कुछ नहीं जाता….

एक ‘; मुस्कुराहट ‘; और दूसरी ‘; दुआ ‘;,

हमेंशा बांटते रहिए !! हमेंशा बढ़ती रहेंगी !!

मस्त विचार 1850

सत्य को कहने के लिए किसी, शपथ की जरूरत नहीं होती.

नदियों को बहने के लिए किसी, पथ की जरूरत नहीं होती.

जो बढ़ते हैं जमाने में, अपने मजबूत इरादों के बल,

उन्हें अपनी मंजिल पाने के लिए, किसी रथ की जरूरत नहीं होती.

सुविचार 1975

इतना ज्यादा मत बोलो की लोग आप के चुप होने का इन्तजार करें,

बल्कि इतना ही बोलो की लोग आप के बोलने का इन्तजार करें.

Collection of Thought 566

“If you wish to be gentle with others, be gentle first with yourself.”

“यदि आप दूसरों के साथ कोमल होना चाहते हैं, तो पहले स्वयं के साथ कोमल बनें”

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