सुविचार 1828
बुरी संगत कोयले की तरह होता है जो गर्म हो तो हाथ जला देता है और ठंडा हो तो हाथ काला कर देता है. अतः बुरी संगत से दूर रहें.
_ लेकिन बुद्धिमानों का काम तर्क – वितर्क में नहीं पड़ना है..
आप का चैतन्य स्वरूप विचारों के कारण धुंधला हो जाता है.
दूसरों को नियंत्रित करना बल है, लेकिन खुद को नियंत्रित करना वास्तविक आत्मबल है.
उनके मुकद्दर के पन्ने कभी कोरे नहीं हुआ करते.
_ खबर नहीं के ये ” आ रहे ” हैं या ” जा रहे ” हैं !!!
मैं सफलता की कीमत जानता हूं: समर्पण, कड़ी मेहनत और उन चीजों के प्रति अडिग समर्पण जो आप देखना चाहते हैं.
आज हंसने वाले कल तालियां भी बजायेंगे..