मस्त विचार 1874
किसी से नाराजगी इतने वक़्त तक न रखो,
कि वो तुम्हारे बगैर ही जीना सीख जाए.
कि वो तुम्हारे बगैर ही जीना सीख जाए.
क्योंकि उनके लिए वह वक्त नहीं_ परन्तु एक हिस्सा होता है_ उनके सीमित जीवन का…!!!
गम देने वाला अपना ही हरदम होता है.
ये खुद से मिलने का बड़ा हसीन मौका है…!!
और बिना धोखे के ख़तम नहीं होते….
एकांत में सब कुछ प्राप्त किया जा सकता है – चरित्र को छोड़कर.
भाग्य मूर्खों की गलतफहमी है.
आप अपना ख़्याल तो रखिये !!