Collection of Thought 552

Don’t Make your Voice Loud To Make Others Listen To you…. But Make your Personality Loud, that others Wait to Listen To you……

दूसरों को अपनी बात सुनाने के लिए अपनी आवाज तेज न करें… लेकिन

अपनी पर्सनैलिटी को इतना बुलंद करें कि दूसरे आपकी बात सुनने का इंतजार करें…

सुविचार 1904

किसी का दिल दुखाने वाली बात न कहें, वक्त बीत जाता है, बातें याद रहती हैं.

सुविचार 1903

किसीको *गलत* समझने से पहले एक बार, उसके *हालात* समझने की कोशिश जरुर करो,

…हम *सही* हो सकते हैं…लेकिन मात्र हमारे सही होने से , *सामने वाला गलत* नही हो सकता…!!!

सुविचार 1902

“संकल्प और समर्पण” दो जुड़े हुए कमरो के समान है जिसमे बीच मे एक मात्र द्वार है …..

क्यूँकि बिना “समर्पण” के संकल्प नहीं हो सकता और न ही बिना “संकल्प” के समर्पण …

मस्त विचार 1777

जो लोग जिन्दगी की छोटी छोटी ख़ुशी में खुश रहते हैं,

वही लोग जिन्दगी को सच्ची तरीके से जीते हैं…

सुविचार 1901

जो कुछ भी इंसान को हो सकता है उसमे बुढ़ापा सबसे अचानक होने वाली चीज है.

मस्त विचार 1776

खिलखिलाती ज़िन्दगी होनी चाहिए.

बातों मे रूहानी होनी चाहिए,

सारी दुनिया अपनी हो जाती है

बस “”मेरे यार “” तेरी मेहरबानी होनी चाहिए.

 “रूहानी रहें” जिसमे न आप कुछ कहो न वो कुछ कहे…

_ इशारों में बात हो भी जाए, वो समझ भी जाए..

वो तैरते तैरते भी डूब गए, जिन्हें खुद पे गुमान था ;

_ वो डूबते डूबते भी तर गए, जिनपे तू मेहरबान था..!!

error: Content is protected