सुविचार 1819

अगर आप किसी को रोशनी दिखाने के लिए दीपक जलाएंगे,

तो उजाला आपके सामने भी होगा..

सुविचार 1818

किसी भी व्यक्ति की सहायता करनी हो तो उसे पैसों की बजाय दिशा रूपी ज्ञान से सहायता करो, पैसे तो समाप्त हो सकते हैं, पर आपके दिए हुए ज्ञान से वह हमेशा पैसे कमा सकता है.

मस्त विचार 1693

रास्ते कहां खत्म होते हैं, जिंदगी के सफर में.

मंजिल तो बस वहीँ हैं, जहाँ ख्वाहिशें थम जाएं.

सुविचार 1817

 
बिना चले मंजिल तक पहुंच जाओ, ऐसा संभव नहीं, आप को प्रयास तो करना पड़ेगा. ज्ञान तो आप को दिशा देगा, गति देगा, कहीं भटक रहे हो तो वह संभालेगा.

सुविचार 1816

सही समय पर उचित कार्य करने की आदत आपके दुर्भाग्य को भी सौभाग्य में बदल देगी.

सुविचार 1815

हो सकता है कि हर कर्म आप को सुख न दे, किन्तु यह निश्चित है कि कर्म के बिना सुख नहीं मिल सकता.

सुविचार 1814

रास्ते भी थक गये, मंजिल अभी भी दूर है,

सच कहूँ तो रास्ता, मेरा अभी आया नहीं।
थक गई है उम्र, लेकिन, जान कदमों में अभी है,
क्या करूँ मुझको अभी, थमना मगर आया नहीं।
तुम भटकना कह रहे जिसको, वो फ़ितरत है मेरी,
मैं हूँ सैलानी, कहीं बसना मुझे आया नहीं।
जो अटक के रह गया, अहसास के अँदर मेरे,
कोशिशें तो की मगर, वो लफ़्ज में आया नहीं।
यूँ मुझे तहज़ीब अपनी, याद है अच्छी तरह,
ढंग दुनिया वाला मुझको, अब तलक आया नहीं।
मैं अगरचे रास्ते से, एक दिन मुड़ जाऊँ तो,
सोचना में रास्ते तेरे, कभी आया नही।
यूँ जमीं के रास्तों पे, लोग बेशक साथ हों,
यार वो होता नहीं जो, दिल तलक आया नहीं।
ज़िंदगी एक आस पकड़े, चल रही है जिस तरफ,
आस क्या है ? ज़िंदगी को, ये समझ आया नहीं।
** कुंवर उदय ** अजमेर
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