मस्त विचार 1847
जिंदगी में तपिश कितनी भी हो, कभी हताश मत होना,
क्योंकि धूप कितनी भी तेज क्यों न हो, समंदर कभी सूखा नहीं करते.
क्योंकि धूप कितनी भी तेज क्यों न हो, समंदर कभी सूखा नहीं करते.
ज़मीनों की ज़रूरत न रहेगी तुझे..,
देखना ये है आप पूछ किससे रहे हैं.
भला ह्रदय के संकेतों की उपेछा कौन कर सकता है.
क्योकि….वो आपके पीछे अपने जीवन के वो पल खर्च कर रहा है, जो उसको कभी वापस नही मिलेंगे.
खुशी हो या ग़म, बाँट लेंगे आधा आधा हम.
इस पर पैर रखते हो तो ही चुभते हैं.