सुविचार 1879

आप अपने बच्चों को अपना दोस्त बना कर अच्छा इंसान नहीं बनाएंगे, तो बुरे लोग उन्हें अपना दोस्त बना कर बुरा इंसान बना देंगे.

सुविचार 1878

उन विचारों से अपने आपको बचाओ जो आपके अन्दर डर पैदा कर दें.

Protect yourself from thoughts that will instill fear in you.

मस्त विचार 1753

“जिन्दगी A B C D है”

“यकींन नहीं है क्या” —————————————– *A – ऐतबार* —————————————– *B – भरोसा* —————————————– *C – चाहत* —————————————– *D – दोस्ती* —————————————– *E – इनायत* —————————————– *F – फैसला* —————————————– *G – गम* —————————————– *H – हिम्मत* —————————————– *I – इंतज़ार* —————————————– *J – जरुरत* —————————————– *K – ख्याल* —————————————– *L – लम्हें* —————————————– *M – मोहब्बत* —————————————– *N – नाराज़गी* —————————————– *O – उम्मीद* —————————————– *P – प्यार* —————————————– *Q – किस्मत* —————————————– *R – रिश्ते* —————————————– *S – समझौता* —————————————– *T – तमन्ना* —————————————– *U – उदासियां* —————————————– *V – विरासत* —————————————– *W – वादा* —————————————– *X – क्सचेंज* —————————————– *Y – यादे* —————————————– *इन सब फीलिंग्स से मिलकर बनती है*

*Z – जिन्दगी*

सुविचार 1877

कोशिश करें कि आप और आपकी सभी चीज़ें हमेशा व्यवस्थित रहें.

बहुत-से लोग ख़ुद भी अस्त-व्यस्त रहते हैं और अपना घर, ऑफिस का डेस्क भी अस्त-व्यस्त ही रखते हैं,

जिससे न स़िर्फ वे ख़ुद भी परेशान रहते हैं, बल्कि लोगों पर उनका प्रभाव भी अच्छा नहीं पड़ता.

मस्त विचार 1752

सफलता के आसमान की ऊंचाई पर हो तब धीरज धरना,

आसमान में उड़ने वाले परिन्दे यही बताते हैं कि……

आकाश में बैठने की जगह नहीं होती,,,,

सुविचार 1876

विपरीत में जीना……

यदि हमने विरोधी स्थितियों में मन सहज रहना नहीं सीखा तो या तो हम अधिकतर झगडा करते दिखेंगे या कूढते — चिढते और परेशान होते रहेंगे !!! सारी स्थितियां और समय किसी के भी हमेशा अनुकूल नहीं रहता, अतः विपरीत स्थितियों में भी जीना सीखिए !!!

सुविचार 1875

समझदार….

गहरी नींद से सोये हुए को जगाना, बड़ो से मुह्जोरी करना, छोटों पर अत्याचार करना, दुष्टों की संगती, और सज्जनों की उपेक्षा करना, बिना सोचे बोलना, आदि कार्य समझदार व्यक्ति नहीं करते !!!

मस्त विचार 1750

अंदाजा नहीं लगा सकते हम इस संसार के दुखों का,

लेकिन हाँ !!! अंदाजा तो लगाओ कभी अपने सुखों का.

मुहं से यही निकलेगा कि या रब शुक्र है तेरा.

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