सुविचार 1872

जब हम किसी परेशानी में होते है, तो हमारा पूरा ध्यान आने वाले खतरे और खौफ पर केंद्रित हो जाता है और इससे हम अपनी सूझ- बूझ खो देते हैं. लेकिन, यदि हम खतरे के डर को दरकिनार कर उससे बाहर निकलने के विकल्पों पर काम करें, तो बहुत संभावना है कि हमें कोई-न-कोई रास्ता अवश्य नजर आ जाएगा.

मस्त विचार 1747

जिंदगी ने मेरे मर्ज का कुछ ऐसा इलाज बताया,

वक़्त को दवा कहा और ख्वाहिशों से परहेज सुनाया.

सुविचार 1871

सुख दुःख,,,,

यद्यपि कोई दुखी होना नहीं चाहता फिर भी दुखी होता है, दुखी होना ही पड़ता है ! जीवन में सुख और दुःख दोनों आते जाते रहते हैं इन्हें भोगना ही पड़ता है, लेकिन इनको भोगने में एक फर्क यह होता है की सुख भोगते समय हमें वक़्त का पता ही नहीं चलता, इसलिए सुख हमें कम मालूम होता है, और दुःख भोगते समय हमें लम्बा और भारी मालूम होता है, इसलिए दुःख ज्यादा मालूम होता है ! अतः विवेक से काम लिया जाए तो दुःख की महत्ता और उपयोगिता को समझ कर दुःख की पीड़ा को कम किया जा सकता है !!!

सुविचार 1870

ग़लतफ़हमी ……

किसी भी तरह की ग़लतफ़हमी दिल में न पालें, इसके आधार पर कोई भी सम्बन्ध न तोड़ें, जब भी किसी बात पर शंका हो, बातचीत के जरिये उसे सुलझाने का प्रयास करें, याद रखें ज्यादात्तर गलतफहमी हमारे शंकालु दिमाग या परिस्थितियों की उपज होती है !!!

error: Content is protected