सुविचार 4721
मन को स्थिर और शान्त करने में ही, सारे सुखों का रहस्य छिपा हुआ है.
वरना हम तो जहां बैठते थे, वहीँ रौनक आ जाती थी..
जब ख्याल आता है मेरी गुज़री हुई जिंदगी के बारे में..
एक बार जब आप भूल जाते हैं कि आप किस लायक हैं, तो आप वह भूल जाते हैं जिसके आप हकदार हैं.
यहाँ दुःख का भी सौदा हो जाता है…!!
यार तबियत भारी भारी रहती “