सुविचार 4558
उम्मीद से कम मिली हुई चीज़ तो खुद को ही चुभती है,
लेकिन उम्मीद से ज्यादा मिली हुई चीज,,,,लोगों को चुभने लगती है..
लेकिन उम्मीद से ज्यादा मिली हुई चीज,,,,लोगों को चुभने लगती है..
हिम्मत ही नहीं होती अपना दर्द बांटने की.
” समय, व्यक्ति और संबंध “
आप जिस चीज के बारे में सबसे ज्यादा सोचते हैं, वही आपके जीवन में घटित होती है.
उतने ही आप स्वयं सुगन्धित होगें.
ये वो ही लोग है जो ज़िन्दगी समझते हैं..
_ अपने कार्य को निर्धारित समय से करना और उसे अच्छी तरह जानना ही कार्य कुशलता है.!!
हम हर मोड़ पर लफ्ज़ो की निशानी छोड़ जाएंगे….
बजाए उस समस्या में ही अपने आप को सदैव उलझाए न रखें…!!!