Collection of Thought 1083
आप जो चाहें प्राप्त कर सकते हैं, _ नुस्खा- निरंतरता, अनुशासन और धैर्य है.
आप जो चाहें प्राप्त कर सकते हैं, _ नुस्खा- निरंतरता, अनुशासन और धैर्य है.
_ ये मुश्किलें ही आपकी ताकत बढ़ाएंगी..
“कभी-कभी जिसे आप कमजोर समझते हो, वही आपकी सबसे बड़ी भूल साबित होता है.”
“कभी भी किसी को कम मत समझो, क्योंकि असली ताकत अक्सर शांत होती है.”
वक़्त खुद कहेगा_ चल अब तेरी बारी है..
पर दोनों के दिलों में दोनों रहते हैं…
आपके छोड़े हुए अवसर का लाभ उठाने के लिए..
कर्म करोगे तो खामोशियां भी अखबारों में छपेंगी..
लोग भावनाओं में बहा कर फायदा बहुत उठाते हैं.
उठ बाँध कमर और लिख दे खुद तकदीर अपनी..
क्योंकि किसी बीमार को देखकर स्वयं को बीमार कर लेना_ यह समझदारी नहीं मूर्खता है..