सुविचार 1838

भूत भविष्य और वर्तमान…..

वर्तमान को सुधारिए, भविष्य अपने आप सुधर जाएगा ! जो भविष्य की ज्यादा फ़िक्र करता है उसका वर्तमान बिगड़ने लगता है! अतः भूत भविष्य की ज्यादा न सोचे वर्तमान पर ध्यान केन्द्रित करे ! क्यूंकि गुजरा हुआ समय  आता नहीं और जो आता है वो भी वर्तमान बनकर ही आता है !!

मस्त विचार 1712

अगर “जिंदगी” को “कामयाब” बनाना हो तो याद रखें,

“पाँव” भले ही “फिसल” जाये पर “जुबान” को कभी मत फिसलने देना..

सुविचार 1837

यदि आप कुछ भी खाते समय उतना ही प्लेट में लें,

कि कुछ भी व्यर्थ ना जाए तो यह भी “अन्न दान” है.

सुविचार 1836

लाख जमाने भर की डिग्रीयाँ हो हमारे पास,

अपनों की आँखों से छलकते आँसू नहीं पढ़ पाये तो “अनपढ़” हैं हम.

सुविचार 1834

जब कहने के लिए हमारे पास कुछ भी नहीं हो, तो चुप रहना ही एकमात्र बेहतर विकल्प है.
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