सुविचार 1929
गलतियां क्षमा की जा सकती हैं अगर आपके पास उन्हें स्वीकारने का साहस हो.
हर शोर खामोश हो जाता है.
फिर मत कहना चले भी गए और बताया भी नहीं.
रखा करो नजदीकियां, ज़िन्दगी का कुछ भरोसा नहीं.
पर फिर सोचा, उम्र का तकाज़ा है, मनायेगा कौन……
क्योंकि आजकल लोगों को सुनाई कम और दिखाई ज्यादा देता है.
अपने जीवन में खुशियाँ पाना चाहते हैं ? छोटी चीजों की सराहना करें,_ आप जितना महसूस करते हैं उससे कहीं अधिक आप धन्य हैं.