यदि आप रातों रात सफल हुए लोगों को गंभीरता से देखेंगे तो आपको समझ आयेगा की उस सफलता में लंबा समय लगा है.
जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा है. संतुष्ट होने का एक ही तरीका है कि वह करें, जिसे अच्छा मानते हैं. अच्छा तभी होगा कि जो कर रहे हैं, उस से प्यार करें. अगर अभी पसंद का काम नहीं मिला है तो उसे ढूंढ़ते रहें, समझौता न करें.
हम संघर्ष का पीरियड लम्बा और खुशी का पीरियड छोटा क्यों बनातें हैं ? इस तरह तो हम जीवन के पच्चीस प्रतिशत हिस्से में भी खुश नहीं रह पाएंगे. हमें अपनी प्रोग्रामिंग इस तरह करनी चाहिए कि मै हर रोज, हर पल खुश रहूँगा, चाहे कुछ भी हो जाये.