मस्त विचार 1763

लोग आप के तब तक हैं, जब तक वे आप के बराबर में हैं,

_ जब वे आप से बड़े हो जाएंगे तो _ उनके तेवर भी बदल जाएंगे ..!!

सुविचार 1888

जब भी हम मुश्किलों से घिरते हैं तो उसके आगे घुटने तक देते हैं. उससे बाहर निकलने का प्रयास करना छोड़ देते हैं. लेकिन, कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो विपरीत परिस्थिति में भी प्रयास करना नहीं छोड़ते हैं, ऐसे लोग ही रिकार्ड बनाते हैं.

सुविचार 1887

भुलक्कड़ बनिए …..[ कुछ बातों में ]

 

पीछे छुट गई बातों और चीजों को भूल जाइए …..

दुःख तकलीफ और अपमान को भूलिए,

इतने व्यस्त रहिये की झगड़ो को भूल जाए ,,,

इतने ताक़तवर बनो की क्रोध को भूल जाओ ,,,

जीवन शक्ति का क्षय चिंता -घृणा -स्वार्थ – इर्ष्या -कामुक चिंतन आदि विचारों से होता है,

अतः ऐसे विचारों को भुल् जाइए ….

मस्त विचार 1762

जिंदगी का राज तन्हाई में पा लिया…..

जिसका भी गम मिला उसे अपना बना लिया…..

पर जब हमारा गम सुनने को नहीं मिला कोई….

तो सामने रखा आईना और खुद को ही सुना लिया…..

सुविचार 1886

यह दुनिया किसी के बिना नहीं रूकती लेकिन हम सब इसी भ्रम में जीते हैं, हमारे बाद हमारे अपनों का क्या होगा ?

सुविचार 1885

कर्म का नियम कहता है, जब हम कर्मों के परिणाम की चिंता छोड़ कर कोई कर्म करते हैं तो सफलता उसी समय मिल जाती है.

मस्त विचार 1759

“कमाल” करते हैं हमसे जलन रखने वाले,

“महफिलें” खुद की सजाते हैं और चर्चे हमारे करते हैं.

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