मस्त विचार 1668
मिट्टी का बना हूँ, गुरुर जँचता नहीं मुझ पर ….!!
मिट्टी का बना हूँ, गुरुर जँचता नहीं मुझ पर ….!!
तो यकीन कर लो कि दुनिया में आपको कभी कोई तोड़ नहीं सकता !!!
_ तो मक्खन लगाने वाले खुद ब खुद आ जायेंगे.
मन को सदैव अविचल और शांत रखिये, इसे क्रियाशील बनायें और प्रतिक्रिया रहित रखें ! इससे जीवन का मार्ग आसान और सुगम लगने लगेगा! याद रखिये, क्रोधित मन सबसे पहले उसे धारण करने वाले को क्षति पहुंचाता है दूसरा उससे अपनी क्षमता अनुसार ही प्रभवित होता है !
ये वो पूंजी है जिसे कमाना पड़ता है और ये पूंजी वही कमा पाता है,
जो दूसरों पर भी यही खर्च करता है.
बार बार किसी विषय में शंका रखना, एक ही बात घुमा फिरा कर बार बार करना, मन में अज्ञात भय या डर रखना, इस तरह की वृत्ति या स्वभाव, याददाश्त को कमजोर करता है आत्मविश्वास को घटाता है ! अतः निश्चित मन से रहें, जरुरत से ज्यादा किसी विषय के बारे में न सोचें, इससे साहस, मानसिक बल, एकाग्रता बढ़ती है आत्मविश्वास कायम रहता है !!!
….आप अपनी ही मिसाल ले लो…
अपनी सोच को सकारात्मक और बड़ा बनाइए, तभी आप अपने जीवन में कुछ कर सकते हैं. सकारात्मक सोच रख कर आप अपनेआप को नई संभावनाओं के लिए खुला रख सकते हैं और अपनी जिंदगी जीने योग्य बना सकते हैं.
उसके द्वार पर खड़ा सुख बाहर से ही लौट जाता है.
आप अपने जीवन के हर दिन को जीएं और इसका आनंद लें.