सुविचार 1789
अपने निशान छोड़ो ना कि दाग.
_ मेरी फितरत में तो _ गैरों पर भी भरोसा करना था !!
और अच्छे लोगों की भीड़ नहीं होती.
भूल जाता है कि आधा चाँद भी खूबसूरत होता है.
जब की बातचीत यह तय करती है कि क्या सही है.
हम भी वही चाहते हैं…जो आसान नहीं होता.
और दूसरों को बाधा पहुंचाने वाला व्यक्ति कभी आगे नहीं बढ़ता.
लोग जो कहते हैं उस पर कम ध्यान दें _ और जो वे करते हैं उस पर अधिक ध्यान दें.