सुविचार 1785

कोई अगर आपके अच्छे कार्य पर सन्देह करता है, तो करने देना,

क्योंकि…शक़, सदा सोने की शुद्धता पर किया जाता है…कोयले की कालिख पर नही.

मस्त विचार 1658

तमन्ना फिर मचल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ

यह मौसम ही बदल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ

मुझे गम है कि मैने जिन्दगी में कुछ नहीं पाया

ये ग़म दिल से निकल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ

नहीं मिलते हो मुझसे तुम तो सब हमदर्द हैं मेरे

ज़माना मुझसे जल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ

ये दुनिया भर के झगड़े, घर के किस्से, काम की बातें

बला हर एक टल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

सुविचार 1784

जब हम किसी ऐसी चीज़ का चयन करते है, जो हमारे लिए उतनी अच्छी नहीं होती, तब हमारा दिल विरोध करता है.

मगर वही दिल ख़ामोश और शांत बना रहता है, जब हम सही निर्णय लेते हैं.

सुविचार 1783

कल्पना के बाद उस पर अमल ज़रुर करना चाहिए. सीढ़ियों को देखते रहना ही पर्याप्त नहीं है, उन पर चढ़ना भी ज़रुरी है.

मस्त विचार 1656

क्या सिर्फ सपने ही तू बुनेगा.

जाग जा अब तो फिर कब जागेगा.

जीवन यूँ ही गुजर जाएगा, पड़ा पछताता रह जाएगा.

सुविचार 1782

एक हद के बाद इंसान, सब कुछ छोड़ देता है..

शिकायत करना, मिन्नतें करना, मनाना और फिर दिल ऐसा हो जाता है,

कि कोई बात करे तो ठीक, ना करें तो भी ठीक,

क्योंकि पता लग चुका होता है, कि दुनिया बहुत झूठी और मतलबी है.

सुविचार 1781

छमा करने से पिछले समय तो नहीं बदलता, लेकिन भविष्य सुनहरा हो उठता है.

सुविचार 1780

यदि आप के चंद मीठे बोलों से किसी का रक्त बढ़ता है तो यह भी रक्त दान है.
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