सुविचार 1785
क्योंकि…शक़, सदा सोने की शुद्धता पर किया जाता है…कोयले की कालिख पर नही.
क्योंकि…शक़, सदा सोने की शुद्धता पर किया जाता है…कोयले की कालिख पर नही.
यह मौसम ही बदल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ
मुझे गम है कि मैने जिन्दगी में कुछ नहीं पाया
ये ग़म दिल से निकल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ
नहीं मिलते हो मुझसे तुम तो सब हमदर्द हैं मेरे
ज़माना मुझसे जल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ
ये दुनिया भर के झगड़े, घर के किस्से, काम की बातें
बला हर एक टल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ.
मगर वही दिल ख़ामोश और शांत बना रहता है, जब हम सही निर्णय लेते हैं.
जीने की आरजू है तो धोखे भी खाइये !!
जाग जा अब तो फिर कब जागेगा.
जीवन यूँ ही गुजर जाएगा, पड़ा पछताता रह जाएगा.
शिकायत करना, मिन्नतें करना, मनाना और फिर दिल ऐसा हो जाता है,
कि कोई बात करे तो ठीक, ना करें तो भी ठीक,
क्योंकि पता लग चुका होता है, कि दुनिया बहुत झूठी और मतलबी है.