सुविचार 1817

 
बिना चले मंजिल तक पहुंच जाओ, ऐसा संभव नहीं, आप को प्रयास तो करना पड़ेगा. ज्ञान तो आप को दिशा देगा, गति देगा, कहीं भटक रहे हो तो वह संभालेगा.

सुविचार 1816

सही समय पर उचित कार्य करने की आदत आपके दुर्भाग्य को भी सौभाग्य में बदल देगी.

सुविचार 1815

हो सकता है कि हर कर्म आप को सुख न दे, किन्तु यह निश्चित है कि कर्म के बिना सुख नहीं मिल सकता.

सुविचार 1814

रास्ते भी थक गये, मंजिल अभी भी दूर है,

सच कहूँ तो रास्ता, मेरा अभी आया नहीं।
थक गई है उम्र, लेकिन, जान कदमों में अभी है,
क्या करूँ मुझको अभी, थमना मगर आया नहीं।
तुम भटकना कह रहे जिसको, वो फ़ितरत है मेरी,
मैं हूँ सैलानी, कहीं बसना मुझे आया नहीं।
जो अटक के रह गया, अहसास के अँदर मेरे,
कोशिशें तो की मगर, वो लफ़्ज में आया नहीं।
यूँ मुझे तहज़ीब अपनी, याद है अच्छी तरह,
ढंग दुनिया वाला मुझको, अब तलक आया नहीं।
मैं अगरचे रास्ते से, एक दिन मुड़ जाऊँ तो,
सोचना में रास्ते तेरे, कभी आया नही।
यूँ जमीं के रास्तों पे, लोग बेशक साथ हों,
यार वो होता नहीं जो, दिल तलक आया नहीं।
ज़िंदगी एक आस पकड़े, चल रही है जिस तरफ,
आस क्या है ? ज़िंदगी को, ये समझ आया नहीं।
** कुंवर उदय ** अजमेर

Collection of Thought 534

Let us always meet each other with smile, for the smile is the beginning of love.

आइए हम हमेशा एक – दूसरे से मुस्कान के साथ मिलें, क्योंकि मुस्कान ही प्यार की शुरुआत होती है.

मस्त विचार 1688

हम गायब होनेवालों में से नहीं, जहां- जहां से गुजरते हैं

जलवे दिखाते हैं…दोस्त तो क्या, दुश्मन भी याद रखते हैं.

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