सुविचार 1634

दुनिया की सबसे अच्छी किताब हम स्वयं हैं, खुद को समझ लीजिए, सब समस्याओं का समाधान हो जाएगा.

मस्त विचार 1511

।। करम ।।

बदलते मौसम में बदल नहीं जाना,

ख्वाइशों को कभी, पतंग ना बनाना ।

इन्सान की फितरत है मुकाबला,

पता नही कब कोई आकर,

तेरी डोर काट जाये।

अमीरी के किस्सों की उम्र,

जिन्दगी से ज्यादा नहीं होती,

जन्मों तक चलती है, करम की कहानी।

हवा धूप रोशनी, अट्टालिकाओं में,

कैद नहीं हो सकती,

चाहे जितने अमीर हो,

हर मुराद पूरी नहीं हो सकती,

कुछ ऐसा कर, कोई और लब भी मुस्करा दे,

किसी के अंधेरे में थोड़ी रोशनी ला दे,

ये साँसे तो है पानी का बुलबुला,

न जाने कब टूट जाये,

किसी की दुआ, पता नहीं कब,

तेरे काम आ जाये।

।। पीके ।।

सुविचार 1633

जो हमारे पास नहीं है उसे पाने की जब हम अभिलाषा रखने लगते हैं, तो जो कुछ हमारे पास होता है उस से ख़ुशी मिलनी बंद हो जाती है

सुविचार 1632

हर समय मुस्कुराते रहना, चित्त शांत रखना, भटकाव का न होना, सुपष्ट विचार, सुपष्ट धारणा और सुपष्ट निर्णय, धीर पुरुषों और योगियों के लच्छण हैं.

सुविचार 1631

जीवन की जड़ संयम की भूमि में जितनी गहरी जमती है और सदाचार का जितना जल दिया जाता है, उतना ही जीवन हरा भरा होता है और उसमे ज्ञान का फल लगता है.

मस्त विचार 1509

अच्छे कार्यों को सोचते ही नहीं रहिए, उन्हें सारा दिन कीजिए

ताकि जीवन एक भव्य, मधुर गीत बन जाए.

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