सुविचार 1631
जीवन की जड़ संयम की भूमि में जितनी गहरी जमती है और सदाचार का जितना जल दिया जाता है, उतना ही जीवन हरा भरा होता है और उसमे ज्ञान का फल लगता है.
ताकि जीवन एक भव्य, मधुर गीत बन जाए.
यही रंग भरना हमारे कर्म हैं.
क्योंकि लोग सुनना नहीं, देखना ज्यादा पसंद करते हैं !!
एक महान दृष्टिकोण एक महान दिन बन जाता है, जो एक महान माह बन जाता है, जो एक महान वर्ष बन जाता है, जो एक महान जीवन बन जाता है.
सँवर गई तो जन्नत, नहीं तो सिर्फ तमाशा है.
अच्छे विचार अच्छे लोगों के सम्पर्क से आते हैं.