सुविचार 1456

प्रसन्न व्यक्ति वह है जो निरंतर स्वयं का मूल्यांकन एवं सुधार करता है जबकि दुखी व्यक्ति वह है जो दूसरों का मूल्यांकन करता है.

सुविचार 1455

व्यक्ति को कभी भी मौके का इंतजार नहीं करना चाहिए,

क्योंकि जो आज है वो ही सबसे बड़ा मौका है..

सुविचार 1454

हमारे अंदर दूसरो के प्रति नाराजगी या शिकायतें तभी तक रहती है, जब तक हम दूसरों से उम्मीदें रख कर जीवन जीते हैं.

हम दूसरों से उम्मीदे रख कर स्वयं से बहुत दूर चले जाते हैं, औऱ जीवन हमारा खुद का न रह कर कुछ और ही चीज बन जाता है.

फिर हमारा सिस्टम हमारे खिलाफ काम करने लगता है, क्योंकि हमने अपने भीतर के सिस्टम के लिये वो नही किया जो उसके लिए जरुरी था.

जकड़नें हम खुद पैदा करते हैं अपने लिये, “दूसरे” जीवन वैसा ही जीते हैं, जैसे वह हैं, उसमें उनकी कोई गलती नही है, लेकिन हमें जीवन वैसे ही जीना चाहिए जो सही है.

मस्त विचार 1367

न करनी है न करता हूँ मै कोई आस लोगों से,

करी जब आस तो केवल मिला उपहास लोगों से.

जो अपने सामने सबको बहुत छोटा समझतें हैं,

नहीं करनी मुलाकातें मुझे उन ख़ास लोगों से.

सुविचार 1453

अपने जीवन की दूसरों से तुलना न करें. आपको इस बात का बिलकुल भी भेद नहीं है कि उनकी जीवन यात्रा किस प्रकार की रही है.

Quotes by विन्स लोमबार्डी

एक सफल और असफल व्यक्ति में अंतर यह नहीं कि उसमे शक्ति की कमी है, ज्ञान की कमी है, बल्कि इच्छाशक्ति नहीं है.

Quotes by प्लेटो

समझदार व्यक्ति इसीलिए बोलता है क्योंकि उसके पास बोलने के लिए या दूसरों से बांटने के लिए कई अच्छी बातें होती हैं, लेकिन एक बेवकूफ व्यक्ति इसीलिए बोलता है, क्योंकि उसे कुछ न कुछ बोलना होता है.
दो ऐसी चीजें हैं जिनके बारे में मनुष्य को कभी गुस्सा या खफा नहीं होना चाहिए. पहली, वह किन लोगों की मदद कर सकता है. दूसरी, वह किन लोगों की मदद नहीं कर सकता है.
नायक सौ में एक पैदा होता है, एक बुद्धिमान व्यक्ति हजारों में एक पाया जाता है, लेकिन एक संपूर्ण व्यक्ति शायद एक लाख लोगों में भी ना मिले.
मैं जीवित सबसे बुद्धिमान व्यक्ति हूँ, क्योंकि मैं एक बात जानता हूँ, और वह यह है कि _ मैं कुछ नहीं जानता.
थोड़े में भी पूरी तरह से जीना सबसे बड़ी दौलत है.
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