मस्त विचार 1293
मैंने समंदर से सीखा है जीने का सलीक़ा,
चुपचाप से बहना और अपनी मौज में रहना.
चुपचाप से बहना और अपनी मौज में रहना.
मनुष्य की दो आंखें और दो कान होते हैं लेकिन जीभ एक ही होती है, _ इसलिए उसे सुनने की तुलना में आधी बात करना चाहिए.
संगीत आत्मा को रोजमर्रा की जिंदगी की धूल से धो देता है.
नसीब कभी बुरा नहीं होता.
जीवन विदेशी भाषा है; सभी लोग इसका गलत उच्चारण करते हैं.