सुविचार 1379
सज्जन पुरुष बिना कहे ही दूसरों की आशा पूरी कर देते हैं जैसे सूर्य स्वयं ही घर- घर जाकर प्रकाश फैला देता है.
आप प्यार में पड़ने के लिए गुरुत्वाकर्षण को दोष नहीं दे सकते.
…खुद की परछाई के लिये तो धूप में खड़ा होना पड़ता है..
किस्मत से बुतकदे में ही दीदार हो गया.
क्योंकि वे हमारी प्राथमिकता की सूची में निचले पायदान पर होते हैं.
_क्योंकि अधिकतर लोगों की बातें मनोबल गिराने वाली होती हैं.