मस्त विचार 1140
काश कोई मुझे भूलने की भी दवा बता देता.
काश कोई मुझे भूलने की भी दवा बता देता.
“जल्दी” और “देर”
हम सपने बहुत जल्दी देखते हैं और कार्य बहुत देरी से करते हैं.
हम भरोसा बहुत जल्दी करते हैं और माफ करने मे बहुत देर करते हैं.
हम गुस्सा बहुत जल्दी करते हैं और माफी बहुत देर से माँगते हैं.
हम हार बहुत जल्दी मानते हैं और शुरआत करने मे बहुत देर करते हैं.
हम रोने मे बहुत जल्दी करते हैं और मुस्कुराने मे बहुत देर करते हैं.
बदलें “जल्दी” वरना बहुत “देर” हो जाएगी …
रणनीति कितनी भी सुंदर क्यों न हो, आपको कभी – कभी परिणामों को देखना चाहिए.
इस दुनिया में वक्त बिताया जा सकता है…!
सभी चीजें जो आपके लिए नहीं बनी हैं लेकिन वे सभी चीजें जो आप बना सकते हैं.
मैं ढूंढता रहा उम्र भर, एक शहद सी जिंदगी.
कभी पत्थर सी जिंदगी, कभी काँटों सी जिंदगी.
मैं ढूंढता रहा उम्र भर,एक मुलायम सी जिंदगी.
कभी तपती सी जिंदगी, कभी गीली सी जिंदगी.
मैं ढूंढता रहा उम्र भर,एक सलोनी सी जिंदगी.
कभी भागती सी जिंदगी, कभी रूकती सी जिंदगी.
मैं ढूंढता रहा उम्र भर, एक सुकून सी जिंदगी.
कभी सफ़ेद सी जिंदगी, कभी काली सी जिंदगी.
मैं ढूंढता रहा उम्र भर, एक रंगीन सी जिंदगी.
कभी पराई सी जिंदगी, कभी बेगानी सी जिंदगी.
मैं ढूंढता रहा उम्र भर,एक अपनी सी जिंदगी.
कभी दिखावे सी जिंदगी, कभी झूठी सी जिंदगी.
मैं ढूंढता रहा उम्र भर, एक सच्ची सी जिंदगी.