Collection of Thought 240

If you want more love in the world, Create more love in your heart.

अगर आप दुनिया में ज्यादा प्यार चाहते हैं, तो अपने दिल में ज्यादा प्यार पैदा करें.

मस्त विचार 1111

मेरा ये दिल दुखाया गया, लोगों की खुशियों की खातिर.

मुझे रुलाया गया दूसरों की खातिर.

किसी ने पूछा तक नहीं कि चाहतें मेरी क्या हैं.

सपनों को मेरे जलाया गया, दूसरों की खातिर.

कभी सोचा न था कि वक़्त यूँ बेरहम हो जाएगा.

अपने बन गए गैर, चंद स्वार्थों की खातिर.

क्या कहूँ बात मै इस जमाने की .

यहाँ ज़िन्दगी जीते है लोग, सिर्फ अपनी ही खातिर.

सुविचार 1177

अपशब्द का इस्तेमाल करना यह दिखाता है कि हम खुद पर अनुशासन और काबू नहीं रख सकते. किसी को अपशब्द बोलने से पहले अगर ध्यान रखना है तो खुद का, क्योंकि दूसरे का कोई नुकसान नहीं, पर खुद बहुत गिर जाओगे सभी की नजरों से.

Collection of Thought 239

I think that somehow, we learn who we really are and then live with that decision.

मुझे लगता है कि किसी तरह, हम सीखते हैं कि हम वास्तव में कौन हैं और फिर उस निर्णय के साथ जीते हैं.

मस्त विचार 1110

क्यूँ होता है ऐसा ?

अक्सर मैं सोचा करता हूँ, दुनिया भर की बातें

इस चिंता मे राख करी हैं मैंने कितनी रातें,

सब कुछ मेरी सोच मुताबिक कभी नहीं होता है

या तो मैं अलग हूँ इस दुनिया से

या ये सबके साथ मे भी होता है

लेकिन फिर भी सारी दुनिया कुछ नहीं कहती है

अपने दिल मे चुपके चुपके सब कुछ ये सहती है

ये दुनिया अपनी है तो फिर क्यूँ है लोग पराये ?

कोई खुशियों मे डूबा है किसी पे गम के साये !!

दूसरों का दुःख देखकर क्यूँ खुश होते कुछ लोग ?

खुशी किसी की देखकर जलते क्यूँ हैं लोग ?

क्या ये मुमकिन है

सारी दुनिया सबको समझे अपना

पता नहीं कितने लोगो ने देखा ऐसा सपना ?

जन्नत क्या है दोजख क्या है शायद सबने देखा है

खुद करते हैं फिर कहते है

ये तो किस्मत का लेखा है.

सुविचार 1176

किसी चिन्ता को दूर करने के लिए किसी फैसले पर पहुंचना जरुरी होता है.

Collection of Thought 238

Yesterday is not ours to recover, but tomorrow is ours to win or lose.

 बीता हुआ कल हमारा नहीं संभलना है, आने वाला कल को हमें जीतना है या हारना है.

मस्त विचार 1108

जिन आखों को “सजदे” मे रोने की आदत हो,

वो आखें कभी अपने “मुकद्दर” पे रोया नही करती.

कई बार जिन्हें हमेशा रोने की आदत लग चुकी होती है

उन लोगों को उन्हीं के हाल पर छोड़ देना ज्यादा मुनासिब होता है !
क्योंकि वो उसी चीज के आदती हो चुके होते हैं
वो जानते हैं कि कोई भविष्य नही कुछ बातों का
फिर भी हमेशा तड़पते रहते हैं
एक छोटी सी खूबसूरत उम्र मिली है
जो बहुत महंगी होती है,
उसको क्यों ऐसे सस्ते में बर्बाद करना !
अगर फिर भी तुम नही समझोगे नही संभलोगे
तो हर संभालने वाला भी थक कर कहीं खो जाएगा
कहतें हैं कई जन्मों के बाद इंसान का जन्म मिलता है
इसे यूँही आंसुओं में बर्बाद कर देने वाले
जिन्दगी के साथ नाइंसाफ़ी ही करते हैं
और ऐसे नाइंसाफ़ी पर कुदरत भी इंसाफ नही करती !

सुविचार 1175

किसी ने ठीक ही कहा है कि, उस दुःख से बढ़ कर कोई दूसरा दुःख नहीं है, जो अपने को व्यक्त न कर सके.
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