Collection of Thought 272
क्रोध व्यक्ति को आत्म – विनाश की ओर ले जा सकता है.
क्रोध व्यक्ति को आत्म – विनाश की ओर ले जा सकता है.
रोज कुछ अच्छा याद रखते हैं और कुछ बुरा भूल जाते हैं .
अगर सब एक साथ आगे बढ़ रहे हैं, तो सफलता अपने आप हो जाती है.
वहाँ खुद को समझ लेना ही बेहतर है.
हर कोई अपने जीवन में कभी न कभी गलती करता है _ लेकिन एक बुद्धिमान व्यक्ति न केवल अपनी गलतियों से बल्कि दूसरों के अनुभवों से भी सीखता है.
“चाहत” भी अपनों से मिलती है,
“अपनों से कभी रुठना नहीं, क्योंकि
“मुस्कुराहट” भी सिर्फ अपनों से मिलती है”
नैतिकता चीजों का आधार है और सत्य सभी नैतिकता का सार है.