मस्त विचार 1187
समझ ही नहीं आता क्या खोया क्या पाया.
इसीलिए शायद ज़िन्दगी का एक नाम है पहेली.
इसको सुलझाने- सुलझाने में ही जीवन बिताया.
समझ ही नहीं आता क्या खोया क्या पाया.
इसीलिए शायद ज़िन्दगी का एक नाम है पहेली.
इसको सुलझाने- सुलझाने में ही जीवन बिताया.
बोलने से पहले दो बार सोचें, क्योंकि आपके शब्द और प्रभाव दूसरे के मन में सफलता या असफलता का बीज बो देंगे.
जब हम खुद से ज्यादा दूसरों पर भरोसा करते हैं.
खुद पर भरोसा कीजिए, हार भी गए तो,
एक सबक मिलेगा अगली बार जीतने के लिए.
चाहे रास्ते बदल – बदल कर ही चलिए.
आपको मानवता में विश्वास नहीं खोना चाहिए, _ मानवता एक सागर है; सागर की कुछ बूंदे गंदी हो जाए तो सागर गंदा नहीं होता.