Collection of Thought 216
मैंने अपने जीवन में कभी एक दिन का काम नहीं किया, _ यह सब मजेदार था.
मैंने अपने जीवन में कभी एक दिन का काम नहीं किया, _ यह सब मजेदार था.
चेहरा दिखाओ तो…लोग बुरा मानते हैं..
“मुझे माँगने का सलीका नहीं है, पर
तू देने की हर अदा जानता है” !!
यह न तो धन है और न ही वैभव, बल्कि शांति और पेशा है जो खुशी देता है.
ऐसा न हो कोई बुराई निकल आए….
जो बुरा लगता है, उसे गौर से देखो….
मुमकिन है अच्छाई नजर आ जाए…..
किसी भी व्यक्ति को जो मिला उसके लिए कभी सम्मानित नहीं किया गया। सम्मान उसने जो दिया उसके लिए इनाम है.
जो कहते हैं, “मेरा यक़ीन तो करो”
अगर सुख नहीं रहे तो दुख भी नहीं रहेंगे.