Collection of Thought 161
इस जीवन में हमारा मुख्य उद्देश्य दूसरों की मदद करना है,_ और अगर आप उनकी मदद नहीं कर सकते हैं, तो कम से कम उन्हें चोट न पहुंचाएं.
इस जीवन में हमारा मुख्य उद्देश्य दूसरों की मदद करना है,_ और अगर आप उनकी मदद नहीं कर सकते हैं, तो कम से कम उन्हें चोट न पहुंचाएं.
ठोकरें ज़हर तो नहीं जो खा के मर जाएँ….
_दूर हो जाना किसी जीत से कम नहीं होता..
यह मत देखो कि दूसरे क्या कर रहे हैं बल्कि अपने काम पर ध्यान दो.
रिश्ता क्या है समझा नहीं सकता.
तुम मेरे लिए इतने ख़ास हो कि,
तुम जो नहीं साथ तो मैं मुस्करा नहीं सकता.
आपके विचार और भावनाएँ आपके जीवन का निर्माण करती हैं.
तो कभी ख़ुद को आज़माईये, नतीजे बेहतर होंगें.
और जब हम अपनी क्रियाशीलता बदल देते हैं तो भावना अपने आप ही बदल जाती है.
उनके बारे में सोच कर अवश्य थकान होती है.