Collection of Thought 242
खुशी इस बात पर निर्भर नहीं करती कि आपके साथ क्या होता है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप इस पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं.
खुशी इस बात पर निर्भर नहीं करती कि आपके साथ क्या होता है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप इस पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं.
पर जब आप दूसरों के लिए जीना सीख लेते हैं
तो वे आपके लिए जीते हैं.
मंज़िलों की फितरत है; खुद चलकर नहीं आती.
आप जीवन में कुछ भी कर सकते हैं, आप अपना दिमाग लगाते हैं, बशर्ते यह आपके दिल से संचालित हो.
वो मंजिलों के उजालों को पा नहीं सकते.
पर जो हम देते हैं उससे हम जीवन बनाते हैं.
अगर आप दुनिया में ज्यादा प्यार चाहते हैं, तो अपने दिल में ज्यादा प्यार पैदा करें.
मुझे रुलाया गया दूसरों की खातिर.
किसी ने पूछा तक नहीं कि चाहतें मेरी क्या हैं.
सपनों को मेरे जलाया गया, दूसरों की खातिर.
कभी सोचा न था कि वक़्त यूँ बेरहम हो जाएगा.
अपने बन गए गैर, चंद स्वार्थों की खातिर.
क्या कहूँ बात मै इस जमाने की .
यहाँ ज़िन्दगी जीते है लोग, सिर्फ अपनी ही खातिर.