मस्त विचार 997
पर ‘चमकता’ वही है जो.., ‘तराशने’ की हद से ‘गुज़रता है’..
पर ‘चमकता’ वही है जो.., ‘तराशने’ की हद से ‘गुज़रता है’..
सिर्फ जन्म लेने से आपको जीवन नहीं मिलता, _ इसे सही तरीके से जीना होगा.
देख के रूप तेरा कुछ यूँ लगा . सोया था बरसों से अभी हूँ जगा . कर दिया अब तो हवाले तुझको . अब तो नैया पार तू लगा . कभी – कभी अज्ञान में भटक जाता हूँ . अपने ज्ञान रूप से रास्ता दिखा . आया हूँ तेरे दर, करता हूँ सजदा . कौन हूँ मै जानता नहीं . मुझे खुद ही से तू मिला.
खूबसूरत चीजें तब होती हैं जब आप खुद को नकारात्मकता से दूर कर लेते हैं.
लगती है चोट कैसे, किनारों से पूछिये …
जिंदगी की जंग में सब्र रखने वाले की जीत होती है.