सुविचार 4439
अपनी जीवन की राह खुद चुनो, कभी सुना है की पंछी बैठा रहा, दाने की आस में…
कौन, कब, कहाँ बदल गया सब का हिसाब रखता हूँ।।
मगर एक साथ चलना भी तो कोई कम नहीं होता..
” आपको वह मिलता है जिस पर आप ध्यान केंद्रित करते हैं, इसलिए उस पर ध्यान केंद्रित करें जो आप प्राप्त करना चाहते हैं “
जो मिलेगा नहीं उसी पर रोज मरते हैं हम..
लोग आपके बारे में क्या सोचेंगे ये सोचना छोड़ दो.
_ जब भी आप कुछ करना चाहें, तो अगर-मगर के पीछे न छुपें.. बल्कि उसे करने का कोई रास्ता ढूँढ़ें.!!