मस्त विचार 921

हँस कर जीना दस्तूर है ज़िंदगी का;

एक यही किस्सा मशहूर है ज़िंदगी का;

बीते हुए पल कभी लौट कर नहीं आते;

यही सबसे बड़ा कसूर है ज़िंदगी का;

जिंदगी के हर पल को ख़ुशी से बिताओ;

रोने का टाइम कहां, सिर्फ: मुस्कुराओ;

चाहे ये दुनिया कहे पागल आवारा;

बस याद रखना “जिंदगी ना मिलेगी दोबारा”.

Collection of Thought 131

Use of the knowledge can set on you on a good path whereas misuse will set you the path of destruction.

ज्ञान का सदुपयोग आपको अच्छे मार्ग पर ले जा सकता है जबकि दुरूपयोग आपको विनाश का मार्ग बना देगा.

Quotes by एलबर्ट हवार्ड

कम से कम 5 मिनट के लिए तो प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन मूर्ख बनता ही है. हमारी बुद्धिमानी इसी में है कि 5 मिनट की अवधि को अधिक न बढ़ने दें.

Quotes by गेटे

वही महान और सुखी है, जिसे कुछ बनने की लिए, न तो किसी पर हुक्म चलाना पड़ता है, न किसी का हुक्म बजाना पड़ता है.
जिस व्यक्ति का जन्म उस प्रतिभा के साथ हुआ है जिसका वे उपयोग करने के लिए बने हैं, उसे इसका उपयोग करने में सबसे बड़ी खुशी मिलेगी.
हर दिन हमें कम से कम एक छोटा गाना सुनना चाहिए, एक अच्छी कविता पढ़नी चाहिए, एक बेहतरीन तस्वीर देखनी चाहिए और हो सके तो कुछ समझदारी भरे शब्द बोलने चाहिए.

Every day we should hear at least one little song, read one good poem, see one exquisite picture, and, if possible, speak a few sensible words.

खुशी एक गेंद है जिसके पीछे हम दौड़ते हैं जहाँ यह लुढ़कती है, और जब यह रुक जाती है तो हम इसे अपने पैरों से धक्का देते हैं.

Happiness is a ball after which we run wherever it rolls, and we push it with our feet when it stops.

सुख और दुख से ही व्यक्ति अपने और अपने भाग्य के बारे में कुछ जान पाता है ; _ वे सीखते हैं कि क्या करना है और क्या नहीं करना है.

Only by joy and sorrow does a person know anything about themselves and their destiny. They learn what to do and what to avoid.

सभी बुद्धिमान विचार पहले ही सोचे जा चुके हैं; जो आवश्यक है _ वह केवल उन्हें फिर से सोचने का प्रयास करना है.

All intelligent thoughts have already been thought; what is necessary is only to try to think them again.

जीवन जीवितों का है, और जो जीवित है _ उसे परिवर्तनों के लिए तैयार रहना चाहिए.

Life belongs to the living, and he who lives must be prepared for changes.

कोई भी उनसे अधिक बुरी तरह से गुलाम नहीं है जो झूठा विश्वास करते हैं कि वे स्वतंत्र हैं.

None are more hopelessly enslaved than those who falsely believe they are free.

हमारे पास हमेशा पर्याप्त समय होता है, अगर हम इसका सही उपयोग करेंगे.

We always have time enough, if we will but use it aright.

आपकी आंखों के सामने क्या है, यह देखना सबसे मुश्किल काम है.

The hardest thing to see is what is in front of your eyes.

जैसे ही आप खुद पर भरोसा करेंगे, आपको पता चल जाएगा कि कैसे जीना है.

As soon as you trust yourself, you will know how to live.

संसार में कुछ भी महत्वहीन नहीं है। यह सब देखने के बिंदु पर निर्भर करता है.

There is nothing insignificant in the world. It all depends on the point of view.

जीवन में जो महत्वपूर्ण है वह जीवन है, न कि जीवन का परिणाम..

What is important in life is life, and not the result of life.

यदि आप किसी व्यक्ति के मन को जानना चाहते हैं, तो उसकी बातों को सुनें.

If you wish to know the mind of a man, listen to his words.

जो तुम नहीं समझ सकते, तुम उसके अधिकारी नहीं हो सकते.

Whatever you cannot understand, you cannot possess.

किसी ने भी स्वयं को पूरी तरह से जानना कभी नहीं सीखा है.

No one has ever learned fully to know themselves.

मुझे लगता है कि मैं उन लोगों से बेहतर हूं जो मुझे सुधारने की कोशिश कर रहे हैं.

I think that I am better than the people who are trying to reform me.

मैं उनसे प्यार करता हूं जो असंभव के लिए तरसते हैं.

I love those who yearn for the impossible.

किसी कार्य के लिए कला एवं विज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, उस में धैर्य की भी आवश्यकता पड़ती है.
यदि तुम अपने पर विश्वास कर सको तो दूसरे प्राणी भी तुम में विश्वास करने लगेंगे.
मनुष्य का व्यवहार वह आईना है जिसमें वह अपना चित्र दिखाता है.
वास्तविकता की कल्पना बहुत कम लोगों में होती है.
एक व्यक्ति वही सुनता है जो वह समझता है.

मस्त विचार 920

खूबसूरत है वो मुस्कराहट जो किसी गैर के चेहरे पर

मुस्कराहट ला सके….

खूबसूरत वो दिल है जो किसी का दर्द समझ सके…

ख़ूबसूरत वो जज़्बात है जो किसी का अहसास कर सके…

ख़ूबसूरत वो अहसास है जो किसी दर्द की दवा बन सके…

ख़ूबसूरत वो हाथ है जो किसी को मुश्किलों में थाम ले…..

ख़ूबसूरत वो कदम है जो किसी की मदद को बढ़ सके..,,

सुविचार – बात उन दिनों की है – वो ज़माना और था. – 1028

बात उन दिनों की है जब बाज़ार में

छोले भटूरे 4-5 रु के दो होते थे।
मकान छोटे मगर दिल बड़े होते थे।
यह Space/Privacy जैसे शब्दों के तो माने भी नहीं पता थे क्योंकि छतें पड़ोसियों से जुड़ी होती थी और
टायलेट तक सांझा होते थे।
दूर के रिश्तेदारों के नाम तक पड़ोसियों को रटे होते थे।
डेढ़ दर्जन के परिवार का 3 कमरों में ठाठ से बसर होता था।
छुट्टियों में रिश्तेदारों का परिवार भी साथ होता था।
काली दाल को घी में सूखे धनिए का छौंक लगा छक कर खाते थे, फिर आम और ठंडे दूध पीते हुए बच्चे छत पर बिस्तर मिनटों में लगाते थे।
सूर्य उदय से पहले उठ भी जाते थे।
पैसे कम पर खुशियां बहुत थी।
फ़िल्मों के डायलॉग से शामें कटती थी।
ईगो,अहम् या नखरे कहाँ किसी में होते थे ?
VCR किराये पर लेकर रात भर पड़ोसियों के साथ मिल कर फिल्मे देखते थे,तेरा मेरा नहीं, सबकुछ हमारा कहलाता था।
भाई की शादी में आया सामान,ननद की शादी में ही जाता था।
शादी ब्याह अपने आप में त्योहार होते थे, बाहर से आए संबंधी पड़ोसियों के घर ही सोते थे।
मांगे हुए गद्दे, मटर छीलते परिवार, कढ़ाई में पकती सब्ज़ियों ओर,पनीर और आइसक्रीम पर नज़र रखे फूफा जी, वाह क्या नज़ारे होते थे..
घंटे भर की कुट्टी और मिनटों में अब्बा होते थे।
बुआ मामा, चाचा और मासी के बच्चे सब भाई बहन कहलाते थे, उनके आगे की रिश्तेदार भी पूरी डिटेल से गिनवाते थे।
सब बड़े भाई बहनों के कपड़े बिना शर्म के पहनते थे,बताया था ना कि ईगो और अहम् पास भी ना मंडराते थे।
आज दौर बदल गया।
छोले भटूरे खाने हल्दीराम जाने लगे हैं,
पांच सौ का नोट बेफिक्र थमाने लगे हैं।
मकान आलीशान, मन परेशान हो रहे हैं,
कमरों से जुड़े टायलेट हैं फिर भी प्राइवेसी को रो रहे हैं।
बच्चों से बड़ों तक को स्पेस चाहिए,बगल वाले घर में कौन रहता है, नाम तो बताइए ?
आज सबको अलग कमरा चाहिए,
बीबी को पंखा पति को AC चाहिए।
अब कौन गर्मी की छुट्टियों में किसी के घर बिताता है? अपने कहाँ Vacation पर हैं,Facebook बताता है।
फिक्र और वज़न बढ़ रहे हैं,आज पैसा और कैसे बढ़ाएं इसी फिक्र में घुल रहे हैं।
आज 56 भोग खाते हैं, फिर पचाने बेमन से Gym जाते हैं।
घर, गाड़ी, बैंक में जमा धन, खुशियों के सामान सब हैं, खुशियाँ बांटने वाले नहीं हैं।
मामा चाचा के बच्चे अब Cousins और उनके आगे के Distant Relatives हो गए हैं।
Social Media पर कई बहनें और Bro ज़रूर हो गए हैं,
अब लोग समय बिताने के लिए Mall जाते हैं और Mall में Shopping करने के लिए कपड़े खरीदते हैं।
अब बच्चों को कोई Cousin कपड़े नहीं देता क्योंकि लेने वाले का ईगो और अहम् पीछा नहीं छोड़ता।
अब शादियों में भी रिश्तेदार बस मूंह दिखाने आते हैं,
घर में नहीं उन्हें अब होटल में ठहराते हैं।
सारे परिवार वाले अब मेकअप करवा,
खुद मेहमानों की तरह जाते हैं।
अब फूफा जी नहीं, खाने का ज़िम्मा Caterer उठाते हैं।
*दिखावे की दुनिया में रिश्ते नाते छूट गए,*
*मेरे बचपन के साथी कहाँ गुम गए ?*
*अगर ज़िन्दगी से ब्लाक सभी रिश्ते अनब्लाक कर दें, तो खुशियों के पल मिल सकते हैं।*
*पर बनावटी दुनिया मे बनावटी रिश्तों के बीच बनावटी ज़िन्दगी जी रहे है …*

मस्त विचार 919

लडखडाती शाम को इश्क का सलाम लिख दिया…..

इन आँखों से छलके अश्कों को जाम लिख दिया…..

आज कुछ नहीं था लिखने को मेरे ज़हन में…..

कोरे कागज़ पे मैंने तेरा नाम लिख दिया…..!!

सुविचार -अच्छी थी पगडंडी अपनी, सड़कों पर तो जाम बहुत है.. – 1027

अच्छी थी पगडंडी अपनी, सड़कों पर तो जाम बहुत है..

_ फुर्र हो गई फुर्सत अब तो, सबके पास काम बहुत है..
_ नहीं जरुरत बूढ़ों की अब, हर बच्चा बुद्धिमान बहुत है..
_ उजड़ गए सब बाग़ बगीचे, दो गमलों में शान बहुत है..
_ मट्ठा, दही नहीं खाते हैं, कहते हैं जुकाम बहुत है..
_ पीते हैं जब चाय तब कहीं, कहते हैं आराम बहुत है..
_ बंद हो गई चिट्ठी-पत्री, व्हाट्सप्प पर पैगाम बहुत है..
_ आदी हैं ए सी के इतने, कहते बाहर घाम बहुत है..
_ झुके-झुके स्कूली बच्चे, बस्तों में सामान बहुत है..
_ नहीं बचे कोई सगे-संबंधी, अकड़-ऐंठ-अहसान बहुत हैं..
_ सुविधाओं का ढेर लगा है, पर इंसान परेशान बहुत है..
_अच्छी थी पगडंडी अपनी, सड़कों पर तो जाम बहुत है..
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