सुविचार – सैल्फ एक्चुलाइज्ड व्यक्ति के गुण – 1001

सैल्फ एक्चुलाइज्ड व्यक्ति के गुण :–>
वह जीवन की वास्तविकता का ज्ञान रखता है और सूझबूझ के साथ जीवन की जटिल समस्याओं का हल ढूंढ निकालता है. संघर्ष का मुकाबला डट कर करता है.
खुद को और संपर्क में आने वाले लोगों को, वे जैसे हैं, स्वीकार करता है, सहयोग करता है.
अपनी सोच और क्रियाकलापों को संयोजित व नियंत्रित रखता है. उस की सकारात्मक सोच ऐसा करने में उस की मदद करती है.
समस्याओं पर ध्यान केंद्रित कर, उन का समाधान विवेक और व्यवहारिकता के साथ निकालता है.
वह काम से काम रखता है. अपनी निजता में किसी को दखल नहीं देने देता.
पूर्ण स्वतंत्रता से कार्य करता है, अपने माहौल को अपने अनुकूल बनाने की कला में माहिर होता है.
अपने अनुभव और दूसरों के अनुभव से सीखते हुए लगातार अपनी कार्यशैली में निपुणता लाने का प्रयास करता है. इस प्रकार वह अपनी सफलता निश्चित करता है.
वह अपने आत्मसम्मान को ध्यान में रखते हुए हालात से अनावश्यक समझौता नहीं करता.
लोगों के साथ अच्छा व्यवहार बनाए रखता है ताकि उन का सहयोग अपने काम के लिए हासिल कर सके.
लोगों के साथ अच्छे संबंध बनाना उसे रुचिकर लगता है.
तानाशाह न हो कर वह लोकतांत्रिक रवैया बनाए रखता है, लोगों के साथ मिलजुल कर आगे बढ़ता है.
ऐसे लोग रचनात्मक होते हैं. रचनात्मक होने के कारण उन का जीवन नए नए अनुभवों से भरा होता है. वे लकीर के फकीर नहीं होते. परंपरा का निर्वाह करते हुए नित नवीन तरीकों से अपने काम की गुणवत्ता बनाए रखते हैं.
बुद्धिमान लोगों के 5 गुण ~

1. अपना काम गुप्त तरीक़े से करना पसंद करते हैं.

2. दुनिया को तब तक नहीं बताते _  जब तक कि उनका काम शत प्रतिशत पूरा नहीं हो जाता.

3. किसी से भी उलझना पसन्द नहीं करते _  बल्कि किनारे से निकल जाना ज़्यादा पसन्द करते हैं.

4. बोलते कम हैं  _ सुनते ज़्यादा हैं.

5. सुनते सबकी हैं _ लेकिन करते अपने मन की हैं.

मस्त विचार 876

लोग इन्तजार करते रह गये कि हमें टूटा हुआ देखें,

और हम थे कि सहते सहते पत्थर के हो गये..!!

सुविचार 1000

दूसरा भी उन्हीं की सहायता करता है जो खुद अपनी सहायता करते हैं.

_ अपने व्यक्तित्व के विकास के लिए, अपनी खुशी के लिए, आप को खुद प्रयास करने के लिए तत्पर और तैयार होना पड़ेगा.

_ जीवन जीने का संयुक्त प्रयास है. दूसरे आप की मदद जरूर करेंगे. पहल आप को करनी है.

ज़िन्दगी के सफर में जो जहाँ छूट गए.. मतलब उनका साथ वहीं तक था.!!
जो लोग आपसे फायदा लेकर भी ऐसा दिखाए की आपने उनके लिए कभी कुछ किया ही नहीं है,

_ ऐसे लोगों से दूर रहने में ही आपकी भलाई है.!!

एक व्यक्ति जिसे आज किसी की भी परवाह नहीं है,

_ उसने भी एक वक्त पर किसी की हद से ज़्यादा परवाह की होगी.!!

हो सकता है कि कुछ लोग आपको पसंद ना करते हों,

_ लेकिन वो अपनी महफ़िल में आपकी चुग़ली करना बहुत पसंद करते हैं.!!

मैं तो बस ऐसे ही लिखता और पढ़ता हूँ, क्या वजह हो सकती है,

_ थोड़ी राहत, थोड़ी आदत..!!

_ लिखते हुए हम अपने जीये हुए को पुनः जीते हैं और अपार पीड़ा से गुज़रते हैं.

_ लिखना कोई आसान काम नहीं,, इसे जीने के लिए भीतर मरना पड़ता है.!!

सुविचार 997

आज को संभालने से कल संभल जाता है. भूत, भविष्य की चिंता मे सब कुछ चला जाता है.

मस्त विचार – ज़िंदगी की कश्मकश में क्यूं ना आज थोड़ा जीया जाए – 874

ज़िंदगी की कश्मकश में क्यूं ना आज थोड़ा जीया जाए.

दुख के इन कंबलों को मिल के आज सीया जाए.

टूटे हुए रिश्तों पे क्यूं ना थोड़ा रोया जाए.

प्यार का एक बीज उनमे मिल के आज बोया जाए.

बचपन की उन उड़ानों में क्यूं ना आज थोड़ा खोया जाए.

आँखों से छलकते आंसुओं की बारिश में आज भिगोया जाए.

अपनेपन के जाल में क्यूं ना दुश्मनो को भी फसाया जाए.

पुरानी नफरतें भूल कर उनको भी आज हंसाया जाए.

पछतावे  की आग में क्यूं ना थोड़ा नहाया जाए.

अहंकार और घमंड को मिल के आज बहाया जाए.

एक कतरा ज़िंदगी का क्यूं ना थोड़ा पीया जाए.

ज़िंदगी की कश्मकश में मिल के आज जीया जाए…..

सुविचार 996

उन्ही की बुद्धि स्थिर है जो अनुकूलता पा कर हर्षित नहीं होते हैं और प्रतिकूल स्थिति में दुखी नहीं होते हैं.

सुविचार 995

कमजोरी की स्थिति में अपने संकल्प को ढीला न होने दें. धन्य हैं वे लोग जो परीछा में खरे उतरते हैं. परीछा आप के चरित्र को प्रस्तुत करती है.
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