सुविचार – सब जी रहे हैं – 1071

” सब जी रहे हैं “

जिसको जैसे समझ आ रहा है, _ वह वैसे जी रहा है.
कोई मछली को खाना खिला रहा है, _
_ कोई मछली को खा रहा है।
कोई किसी की जान बचा रहा है, _
_ कोई किसी की जान ले रहा है।
जिसको जैसे समझ आ रहा है, _ जी रहा है.
कोई देश के लिए जान दे रहा है, _
_ कोई देश बेच रहा है.
पर यह किसी को समझ नहीं आ रहा है, _ कि वह सही कर रहा है या ग़लत कर रहा है.
पता है कि मैं गलत कर रहा हूं, _ फिर भी उसे सही साबित कर रहा है.
इसलिए जिसको जैसे समझ आ रहा है, _ जी रहा है.
शायद रब ने दुनिया ही ऐसी बनाई कि तुम कभी सही ग़लत का भेद कर ही नहीं पाओगे.
आपस मे ही लड़ कर मर जाओगे.
मेरी इस सुंदर रचना का रसपान नहीं कर पाओगे.
कुछ ही फरिस्ते होगें.
वहीं समझ पाएंगे और रब की सृष्टि का रसपान कर पाएंगे.
बाकी रोते आए हैं रोते ही चले जाएंगे.

Collection of Thought 140

The most difficult thing is the decision to act, the rest is merely tenacity.

सबसे कठिन काम है कर्म करने का निर्णय, बाकी है केवल तप.

मस्त विचार 983

जिन्दगी एक पल हैँ, जिसमें न आज है न कल हैं,

जी लो इसको इस तरह,

कि जो भी आपसे मिले वो यही कहें,

बस यही “मेरी” जिन्दगी का सबसे हसीन पल हैं!

सुविचार 1070

इंसान तब समझदार नहीं होता जब वो बड़ी- बड़ी बातें करने लगे, बल्कि समझदार तब होता है जब वो छोटी- छोटी बातें समझने लगे.

Collection of Thought 139

Life isn’t about finding yourself.

Life is about creating yourself.

जीवन खुद को खोजने के बारे में नहीं है,

जिंदगी से तात्पर्य अपने आप को बनाना होता है.

सुविचार – खुश रहकर गुजारो, तो मस्त है जिदंगी – 1069

खुश रहकर गुजारो, तो मस्त है जिदंगी,

दुखी रहकर गुजारो, तो त्रस्त है जिंदगी !
तुलना में गुजारो, तो पस्त है जिंदगी !
इतंजार में गुजारो, तो सुस्त है जिंदगी !
सीखने में गुजारो, तो किताब है जिंदगी !
दिखावे में गुजारो, तो बर्बाद है जिदंगी !
मिलती है एक बार, प्यार से बिताओ जिदंगी !
जन्म तो रोज होते हैं, यादगार बनाओ जिंदगी !
यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि.. ‘आपको हमेशा खुश रहने का रहस्य पता लगाना होगा.’

_ ख़ुश रहने के लिए आपके पास बड़ी मात्रा में मूल्यवान सामग्री होना ज़रूरी नहीं है.
_ जो सामग्री और वस्तुएँ हम एकत्रित करते हैं, वे आनंद नहीं लातीं.
_ हमारे मन की किसी गलत धारणा के कारण संसार की वस्तुएँ आनन्द लाने वाली प्रतीत होती हैं.
_ दुनिया में ये वस्तुएँ मन को इस तरह उत्तेजित करती हैं कि.. कुछ समय के लिए यह महसूस होता है कि.. उसे वह मिल गया है.. जो वह चाहता है.
_ संसार की वस्तुएँ मन को भीतर से तृप्त करती हुई प्रतीत होती हैं.
_ यह वैसा ही है, ..जैसे चोर-डकैत आपके साथ सहयोग कर रहे हों और बार-बार आपसे कह रहे हों कि वे आपके साथ हैं,
_ कि वे आपकी सेवा में हैं, लेकिन उनके पीछे की मंशा अलग है.
_ यह प्रत्येक व्यक्ति पर छोड़ दिया गया है कि.. वह कैसे खुश रह सकता है.
_ यदि आप दुखी हैं तो.. आपको उस कारण का पता लगाना चाहिए.. कि आप दुखी क्यों हैं.
_ हम हमेशा यही शिकायत करते रहते हैं कि दुनिया खराब है, लोग अच्छे नहीं हैं, सब कुछ अस्त-व्यस्त है और इस संसार में कुछ भी मूल्यवान नहीं है.
_ लेकिन आप भी उसी दुनिया का एक हिस्सा हैं,
_ इसलिए जब आप दुनिया के लोगों का आलोचनात्मक मूल्यांकन करते हैं,
_ तो आप स्वचालित रूप से इस निर्णय में खुद को शामिल कर रहे हैं,
_ क्योंकि आप भी लोगों में से एक हैं.

मस्त विचार 981

कभी मैं बोलता हूँ तो कभी चुप हो के सुनता हूँ,

आनंद दोनों में है…………..

तेरी रहमत के नग़मे सुन लूँ या सुना दूँ.

सुविचार – तुम इस मन को राह दो – 1068

तुम इस जड़ को प्राण दो, तुम इस जड़ को धड़कन दो,

तुम इस जड़ को शब्द दो,
और ये तुमसे प्यार न करती हो, ये कैसे हो.
तुम इस मन को सुख दो, तुम इस मन को विश्वास दो,
तुम इस मन को राह दो,
ये तुम्हे प्यार न करता हो, ये कैसे हो.
तुम इस बुद्धि को समझ दो, तुम इस बुद्धि को ज्ञान दो,
तुम इस बुद्धि को कल्पनाएं दो,
ये तुम्हे प्यार न करती हो, ये कैसे हो.
बस इसी प्यार के सहारे ये जड़ मन बुद्धि जीवित है.
आपके ही तो सहारे हम इस मुश्किल राह पर चलने के लिए प्रेरित हैं.
इसीलिए तो आ जाते हैं हम आपके बुलाने पर.
तुम इस जड़ को प्राण दो, तुम इस जड़ को धड़कन दो,
मन में कुछ भर कर जीयंगे.., तो मन भर कर नहीं जी पाएंगे.!!
जब भीतर का मन स्थिर हो जाता है, तब बाहरी तूफान भी कुछ नहीं बिगाड़ पाते.!!
जो हाथ में न हो, उसे मन से भी आज़ाद कर देना चाहिए..!!
अपने मन पर काबू रखना सीखो,
_ क्योंकि एक शांत मन बड़ी से बड़ी मुसीबत का सामना भी कर सकता है.!!
हर किसी को लगता है कि सब कुछ उसके मन का ही हो..

_ दुनिया उसी के हिसाब से चले..
_ लोग वैसा ही करें.. जैसा वह चाहता है और हालात उसके मुताबिक बनते जाएँ.
_ लेकिन सच यह है कि ऐसा कभी नहीं होता..
_ जिंदगी किसी एक इंसान की सोच पर नहीं चलती..
_ यहाँ सबकी इच्छाएँ टकराती हैं, सबकी उम्मीदें अलग होती हैं..
_ इसलिए हर बार मन का होना संभव नहीं होता और शायद यही जिंदगी की असली सच्चाई है.!!
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