सुविचार 911
शान्त और तनावरहित ज़िन्दगी के लिए यह आवश्यक है कि छोटी- मोटी अड़चनों को महसूस ही न किया जाए.
भींगी पलकों के संग मुस्कुराता हूँ मै, तुम दूर मुझ से हो तो क्या हुआ, अपनी हर सांस मे तेरी आहट पाता हूँ मै.
पल पल मन को बहलाता हूँ मै,
बस ‘दुआयें’ आप लोगों की उन्हें ‘मुकम्मल’ होने नही देती…..!!!
साज़िशें लाखो बनती हैं मेरी ‘हस्ती’ मिटाने की….!!!
तेरे लिए दुआ माँगना अच्छा लगता है……..
तुझ से मेरा रिश्ता क्या है, मालूम तो नही मगर…