सुविचार 944
आँखों को अश्को से तर करते है कभी- कभी…..
मगर यकीन हम ने तो अपने यकीन पे किया
बाहर से टूटता रहा सब
पर भीतर से एक शीशा भी हम ने तड़कने न दिया.
तुझसे मिली ठोकर ने, मुझे संभलना सीखा दिया.
ये दुनिया महज़ गम ही गम नही है……
जब जीवन में मुश्किलों का सामना करना ही पड़ता है तो क्यों न खुशी से उनका सामना किया जाए.
कब तक यूँ परायों में अपने होने के निशां ढूंढता फिरूँ……..
वरना पत्तों की तरह तुझको हवा ले जायेगी…..
यदि कोई व्यक्ति जीवन में महान कार्य नहीं कर सकता है जिसे जनता द्वारा सराहा जा सकता है, तो वह छोटे कामों को अधिक प्रेम और दक्षता के साथ कर सकता है.