सुविचार 942
हमारी शक्ति दूसरों को दबाने से नहीं बल्कि …उनके उत्थान से आती है.
कुछ ख़ार कम कर गए गुज़रे जिधर से हम……
माना कि इस ज़मी को न गुलज़ार कर सके….
दिल दुखा कर जो मिले वो फायदा अच्छा नही…….
मुख़्तसर सी बात है ये जान पाओ, जान लो…..
उस आदमी को कोई नहीं हरा सकता _ जो अकेले, आत्मविश्वास के साथ, बाधाओं, गरीबी, दुर्भाग्य और कठिनाइयों के खिलाफ संघर्ष करने के लिए तैयार है.
जिसके सामने आईना रखा,हर शख्स वो मुझ से रूठ गया.