सुविचार 936
फिर दूसरों को बदलना कैसे सरल हो सकता है.
तू मेरा शौक़ देख मेरा इन्तज़ार देख……..
जब भी उदास हुआ जीवन में, तू ही साथ रहा मेरे जीवन में, जब खराब होता था मन बेहद, चुपचाप बैठे रहना चाहता था अँधेरे में, तू ने ही निकाला है अँधेरे से जीवन में. मैंने महसूस किया है जीवन में.
दूसरों को फंसाने की कोशिश करने वाले खुद फंस जाते हैं.
बड़ी मुश्किल से वो राज़ी हुआ है साथ चलने को………
अन्वेषण करें कि आपके अंदर क्या है, _ यह समुद्र की तरह है, जितना गहरा आप जाओगे, उतने ही समृद्ध पाओगे, _ आप वर्तमान में बेहतर सोचते हैं या जानते हैं.