मस्त विचार 749
मुसीबत हम पे रोती है, हम रोते हैं मुसीबत पर.
मुसीबत हम पे रोती है, हम रोते हैं मुसीबत पर.
_मगर कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अपनी अच्छाई, अपनी काबिलियत, अपनी खूबियों को भी छुपा कर या दबा कर रखते हैं..!!
_हमारी खूबियों की वजह से नापसंद करते हैं.!
तेरे अपने फैसले पर एक दिन तुझे भी अफसोस होगा!!!
जिनका इस जमाने मे कोई मरहम नहीं होता..
जो दिल में उतर गये. और कुछ ऐसे भी मिले, जो दिल से उतर गये. मुश्किल में हाथ थामा अनजानों ने, पहचान वाले तो साफ़ मुकर गये.
क्यूंकि..पानी से खून साफ़ कर सकते हैं, लेकिन खून से खून नहीं.
“आत्मनिर्भरता सभी धनों में सबसे बड़ा धन है.”
महसूस करने की कोशिश तो कीजिए,
दूर होते हुए भी पास नज़र आएँगे.
हर दर्द में सुकून का एहसास भी तुम हो………
बड़े हो गये तो बस काम से बुलाते हैं.