Collection of Thought 107
किसी मूर्ख से बहस मत करो,_ वह आपको अपने स्तर तक नीचे खींच लेगा और आपको अनुभव से हरा देगा.
किसी मूर्ख से बहस मत करो,_ वह आपको अपने स्तर तक नीचे खींच लेगा और आपको अनुभव से हरा देगा.
वरना लोगों की वाह -वाह में, खुद को न जाने क्या समझ बैठे.
और जो इंसान के बाहर छलक जायें वो ” अभिमान ”
मैं उन लोगों से प्यार करता हूं जो मेरे जीवन में हैं और इसे अद्भुत बनाते हैं _ और मैं उन लोगों को धन्यवाद देता हूं _ जो मेर जिंदगी से दूर हो गये और इसे और भी शानदार बना दिया.
यदि छोटे – छोटे बुरे जीवाणु आपके शरीर में प्रवेश करते हैं — तो शरीर बीमार हो जाता है, _ उस मन का क्या कहें जो बुरी इच्छाओं के लाखों जीवाणुओं को समेटे हुए है, ऐसा मन स्वस्थ कैसे रह सकता है ?
केवल एक ही सफलता है- अपने जीवन को अपने तरीके से व्यतीत करने में सक्षम होना.
दूसरों की खातिर अपनी मौलिकता कभी न बदलें,_ क्योंकि आपकी भूमिका को आपसे बेहतर कोई नहीं निभा सकता,_ तो खुद बनो, क्योंकि तुम जो भी हो, तुम सबसे अच्छे हो.