सुविचार 817

नम्रता से अच्छी कोई नीति नहीं. जहां होशियार से होशियार जबान असफल हो जाती है, वहां अच्छा व्यवहार बहुत काम कर जाता है.

सुविचार 816

सारी स्थितियों में विवेक ही प्रमुख रहना चाहिए, जिद्दी होना एक बात है, अपने मत के विषय में दृढ रहना बिलकुल दूसरी बात.

सुविचार 814

लोगों के बुरे व्यवहार को जल्दी भूल जाना चाहिए. अगर आप उस घटना को याद रखेंगे, तो उस व्यक्ति का नहीं, बल्कि अपना नुक्सान करेंगे. जब आप ढेर सारी बुरी बातें याद रखते हैं, तो आप अपने दिमाग में अच्छी बातों की जगह कम कर देते हैं, दिमाग में रह जाती है सिर्फ बदबू.

सुविचार 813

जो आदमी यह दिखाए कि उस में कोई भी कमी नहीं है, वह या तो बेवकूफ है या पाखंडी और हमें उस का विश्वास नहीं करना चाहिए.

सुविचार 812

हर छोटी बात पर प्रतिक्रिया देना जरुरी नहीं होता है. अपनी ऊर्जा बड़े व अच्छे कामों के लिए सम्भाल कर रखें. जब आप गुस्सा न करने के वादे को कुछ दिन निभा लेंगे, तो आप अपने अन्दर एक बड़ा बदलाव महसूस करेंगे. आपकी कार्य छमता भी बढ़ जाएगी.

सुविचार 811

व्यक्ति की अपनी बुद्धि उसे मीनार में बैठे हुए पहरेदारों से कहीं ज्यादा सही रास्ता बता सकती है.

मस्त विचार 740

आज जिस्म मे जान है तो देखते नही हैं लोग…

जब “रूह” निकल जाएगी तो कफन हटा हटा कर देखेंगे लोग…

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