मस्त विचार 740

आज जिस्म मे जान है तो देखते नही हैं लोग…

जब “रूह” निकल जाएगी तो कफन हटा हटा कर देखेंगे लोग…

मस्त विचार 738

रिश्ते कभी भी कुदरती मौत नहीं मरते..

इनको हमेशा इंसान ही क़त्ल करता है,

नफ़रत से.. नजरअंदाजी से..

तो कभी गलतफ़हमी से…!!

सुविचार 809

भीतर क्षमा हो, तो क्षमा निकलेगी. भीतर क्रोध हो, तो क्रोध निकलेगा. इस बात को एक मौलिक सूत्र की तरह अपने हृदय में लिखकर रख छोड़ें कि जो आपके भीतर है, वही निकलेगा. परिस्थितियां चाहे कुछ भी हों. इसलिए जब भी कुछ आपके बाहर निकले, तो दूसरे को दोषी मत ठहराना. वह आपकी ही संपदा है, जिसको आप अपने भीतर छिपाए थे.

मस्त विचार 735

कसूर है हमारी आंखों का

जो तुमको देख ही नहीं पातीं…..

मैंने तो सुना है मेरे यार

तुम उनको भी नजर आते हो

जिनकी आंखे नहीं होतीं….

सुविचार 807

कागज़ की नाव पानी में बहुत देर तक नहीं चल सकती. इसी तरह धोखा देने वाला व्यक्ति चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, एक न एक दिन उसकी पोल खुल ही जाती है.
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