मस्त विचार 678

बिंदास मुस्कुराओ क्या ग़म है ,..

ज़िन्दगी में टेंशन किस को कम है..

अच्छा या बुरा तो केवल भ्रम है..

जिन्दगी का नाम ही कभी ख़ुशी कभी गम है.

मस्त विचार 677

आजकल लोग समझते ‘कम’ और समझाते ‘ज्यादा’ हैं,

तभी तो मामले सुलझते ‘कम’ उलझते ‘ज्यादा’ हैं..

मस्त विचार 674

मुश्किल कोई आन पड़े तो, घबराने से क्या होगा.

जीने की तरकीब निकालो, मर जाने से क्या होगा.

मस्त विचार 672

ज़िन्दगी के सफर में बहुत सारे यार मिलेंगे…

हम क्या हम से भी अच्छे

हजारों मिलेंगे….

इन अच्छों की भीड़ मे कंही

हमे आप भुला देना.

” हम कंहाँ आप को बार बार मिलेंगे “….

मस्त विचार 670

एक कुम्हार माटी से चिलम बनाने जा रहा था।

उसने चिलम को आकार दिया।

थोड़ी देर में उसने चिलम को बिगाड़ दिया l

माटी ने पूछा – अरे कुम्हार, तुमने चिलम अच्छी

बनाई फिर

बिगाड़ क्यों दिया.?

कुम्हार ने कहा कि- अरी माटी, पहले मैं चिलम

बनाने की

सोच रहा था, किन्तु मेरी मति (दिमाग) बदली

और अब मैं सुराही या फिर घड़ा बनाऊंगा।

. ये सुनकर माटी बोली- रे कुम्हार, तेरी तो मति

बदली, मेरी तो जिंदगी ही बदल गयी…l

चिलम बनती तो स्वयं भी जलती और दूसरों को

भी

जलाती…. अब सुराही बनूँगी तो स्वयं भी

शीतल रहूँगी …

और दूसरों को भी शीतल रखूंगी…

“यदि जीवन में हम सभी सही फैसला लें… तो हम

स्वयं भी

खुश रहेंगे.. एवं दूसरों को भी खुशियाँ दे सकेंगे.

error: Content is protected