सुविचार 849

समय के साथ स्वयं को ढालने में यदि हम सफल हो जाते हैं तो हम हर परिस्थिति को आसानी से स्वीकार कर उसका सामना कर सकते हैं. वहीँ इसके ठीक विपरीत यदि हम स्वयं को समयानुसार नहीं ढालते, तो हम अपने विकास के द्वार को खुद बंद कर देते हैं.

सुविचार 848

शारीरिक स्थिति एवं मानसिक स्थिति एक दूसरे पर आश्रित है. यदि एक ठीक ना हो तो वह दूसरे पर भी बहुत गहरा प्रभाव डालती है. इसलिए दोनों का अच्छा होना एवं स्वस्थ होना अत्यंत महत्वपूर्ण है. इनका संतुलन अनिवार्य है. हमारे लछ्य की पूर्ति भी हमारे शरीर की दशा एवं हमारी मनःस्थिति पर निर्भर करती है.

सुविचार 847

एक इन्सान अगर चाहे तो अपनी बातों से सामने वाले की ज़िन्दगी सँवार सकता है, चाहे तो बिगाड़ सकता है. – – – – – क्योंकि आपके शब्द ही हैं, जो एक तरफ सामने वाले को सकारात्मक ऊर्जा दे सकते हैं, तो दूसरी तरफ उसे नकारात्मकता की खाई में ढकेल सकते हैं.

सुविचार 846

जीवन में कभी बड़ा बनो तो छोटों को कभी मत भूलना, क्योंकि छोटों की वजह से ही आप बड़े बने हो.

सुविचार 845

यों तो जिंदगी जैसे तैसे सभी की गुजर जाती है, पर असली जीना तो उन का है जो एक उद्देश्य के लिए जीते हैं. दरअसल कुछ चाहने और फिर उसे प्राप्त करने की कोशिश में ही आदमी जिंदगी का असली मजा ले सकता है.

सुविचार 844

यह बात कोई महत्त्व नहीं रखती कि आदमी मरता कैसे है, बल्कि यह कि वह जीता किस तरह है.

Collection of Thought 079

A coward is incapable of exhibiting love; it is the prerogative of the brave.

एक कायर प्रेम प्रदर्शित करने में असमर्थ होता है; यह बहादुर का विशेषाधिकार है.

मस्त विचार 781

जीवन के किसी दुःख या ठोकर से इन्सान सबक ले ले,

तो वह ठोकर ठोकर नहीं होती,

वह तो आप के लिए एक सीख बन जाती है.

मस्त विचार 780

किसी भी इन्सान के बारे में बुरी बात कहने से बचें,

उसके बारे में गलत अफवाहें न फैलायें.

बिना तथ्यों व सच्चाई को जाने

अगर आप किसी के बारे में कुछ बोलते हैं तो

यह आदत घूम- फिर कर आपको ही नुक़सान पहुँचाएगी.

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