मस्त विचार 697

कुछ हम थे तबीयत के सादे,

कुछ लोग बेगाने लुट गए..

कुछ अपनो ने बदनाम किया,

कुछ बन अफसाने छूट गए ..

कुछ अपनी शिकस्ता नाव थी,

कुछ हम से किनारे छुट गए ..!

मस्त विचार 696

क्या हुआ अगर देख कर मूंह फेर लेते हैं वो…

तसल्ली हैं कि अभी तक शक्ल की पहचान बाकी हैं…!

मस्त विचार 695

चलता रहूँगा मै पथ पर

चलने मे माहीर बन जाऊँगा.

…..या तो मंजिल मिल जायेगी

….या मूसाफिर बन जाऊँगा.

सुविचार 789

अगर आप कुछ पाने के लिए जी रहे हैं तो उसे वक़्त पर हासिल करो, क्योंकि ज़िंदगी मौके कम और धोखे ज्यादा देती है.

सुविचार 787

प्यार और विश्वास के धागों में..बांध लो रिश्तों को,

नफरत, शक, नाराज़गी, ज़रुरत..ने हमेशा तोड़ा हैं,

कभी जोड़ा नहीं किसी को…

मस्त विचार 693

छोटीबड़ी समस्याएं हर एक की जिंदगी का हिस्सा होती हैं लेकिन अपनी समस्याओं के हल के लिए हमेशा दूसरों पर निर्भर रहना सही नहीं है. सही समय पर सही निर्णय और आत्मविश्वास से ही समस्याओं से पार पाया जा सकता है.

सुविचार 786

जो बात को तुरन्त समझ लेता है, सुनने योग्य बातों को एकाग्रचित्त हो सुनता है और व्यर्थ की बातों में रूचि नहीं रखता, खूब सोच विचार करके ही कोई काम शुरू करता है और हाथ में लिए काम को अधूरा नहीं छोड़ता, जो बिना पूछे किसी को सलाह नहीं देता, वही बुद्धिमान है.
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