मस्त विचार 606

हमेशा उन्ही के करीब मत रहिए, जो आप को खुश रखते हैं.

कभी उन के भी करीब जाइए, जो आप के बिना खुश नहीं रह सकते.

सुविचार 670

दूसरों के लिए कुछ कर पाना, एक अलग ही संतुष्टि व ऊर्जा देता है और इस से निराशा का भाव छूमंतर हो जाता है.

सुविचार 669

हमें हमारे जीवन के मूल्यों को समझने के लिए पारखी नजर की आवश्यकता है. हम समझते हैं जो संपन्न हैं, पैसे से भरपूर हैं, हमारी नजरों में वही खुश हैं जबकि हो सकता है कि उनके पास जीवन मूल्यों का अभाव हो. जिस के ह्रदय में प्रेम, दया, धीरज जैसे भाव हैं, असल में वही खुश हैं, ऎसे अन्दरूनी सौन्दर्य को पहचानने के लिए दिल में अहंकार नहीं, प्रेम चाहिए.

सुविचार 667

स्पष्ट इनकार और अस्वीकार से पहले थोड़ा सा कष्ट अवश्य होता है किंतु बाद में विपत्ति से रछा हो जाती है.

मस्त विचार 604

ज़िन्दगी पल-पल ढलती है,

जैसे रेत मुट्ठी से फिसलती है…

शिकवे कितने भी हो हर पल,

फिर भी हँसते रहना…

क्योंकि ये ज़िन्दगी जैसी भी है,

बस एक ही बार मिलती है.

सुविचार 666

कौन इंसान किन परिस्थितियों से गुजर रहा है, यह आप बाहरी रूप देख कर अन्दाजा नहीं लगा सकते. इसलिए बिना किसी को जाने, किसी के बारे में कोई निर्णय न लें.
हर व्यक्ति कि परवरिश, आर्थिक स्थिति, दिमागी स्थिति, सोचने का तरीका अलग होता है. जो आपके लिए गलत है, हो सकता है उनके लिए सही हो.

सुविचार 665

आदमी की आधी से ज्यादा जिंदगी इसी में चली जाती है, कि दूसरे मेरे बारे में क्या बोलते हैं, क्या सोचते हैं.
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