मस्त विचार 666
क्योंकि मुसीबत चार दिन की और एहसान ज़िंदगी भर का.
क्योंकि मुसीबत चार दिन की और एहसान ज़िंदगी भर का.
मगर फिर भी अशान्ति वाले कार्य करने से बाज नहीं आता.
आज नही तो, कल निकलेगा. मेहनत कर, पौधों को पानी दे, बंजर जमीन से भी फल निकलेगा. ताकत जुटा, हिम्मत को आग दे, फौलाद का भी बल निकलेगा. जिन्दा रख, दिल में उम्मीदों को, समन्दर से भी गंगा जल निकलेगा. कोशिशें जारी रख कुछ कर गुजरने की, जो है आज थमा-थमा सा, वो चल निकलेगा.
कहीं कोई तुझे पीछे से देखता होगा.
…..और हँसते- मुस्कुराते हुए जीएं .