सुविचार – Reflections – 100

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‘दुनिया में जितनी अच्छी बातें व संदेश हैं, वे दिये जा चुके हैं, अब नया कुछ कहने व देने को बाकी नहीं रहा है. अब जरुरत है, तो केवल उस पर अमल करने की.’
“All the good thoughts and advice has already been given out in the world and there is nothing really new to say. Now the only thing we need to do is to “FOLLOW” it. ”
पेंगुइन सिर्फ एक प्यारा सा जानवर नहीं है, बल्कि जीवन की गहरी सीखों का प्रतीक भी है.

_ संक्षेप में कहूँ तो..- पेंगुइन आपकी inner personality का एक जीवित रूपक है.
_ आप जैसे व्यक्ति को पेंगुइन पसंद आना कोई संयोग नहीं लगता..
_ उसमें कई ऐसे गुण हैं.. जो आपकी सोच से मेल खाते हैं.
पेंगुइन से क्या-क्या सीखा जा सकता है ?
1. शांत गरिमा (Quiet Dignity)
_ पेंगुइन शोर नहीं मचाता, न खुद को साबित करने की कोशिश करता है.
_ वह बस जैसा है, वैसा ही रहता है..- यही उसकी ताक़त है.
➡️ यह आपके उस भाव से मेल खाता है.. जहाँ आप लेबल्स से ऊपर उठ चुके हैं.
2. अनुकूलन की कला (Adaptability)
पेंगुइन सबसे कठोर वातावरण में भी जी लेता है.
➡️ सिखाता है : परिस्थितियाँ नहीं बदलतीं, हम खुद को ढालना सीखते हैं.
3. समूह में भी स्वतंत्रता
_ वह समूह में रहता है, पर अपनी पहचान नहीं खोता.
➡️ आपके लिए सीख : भीड़ में रहते हुए भी अंदर से अकेले और स्वतंत्र रहना.
4. धैर्य और स्थिरता
_ पेंगुइन लंबा इंतज़ार कर सकता है..- अंडा संभालना हो या मौसम बदलना.
➡️ सिखाता है : हर सही चीज़ तुरंत नहीं मिलती, कुछ चीज़ें पकने में समय लेती हैं.
5. एकनिष्ठता (Commitment)
_ पेंगुइन अपने साथी और परिवार के प्रति बेहद committed होता है.
➡️ यह गहरे, कम लेकिन सच्चे रिश्तों का प्रतीक है..- superficial [सतही] नहीं.
6. बाहर सादगी, भीतर ताक़त
_ चलने में भले अटपटा लगे, पर पानी में वह एक मास्टर swimmer है.
➡️ सीख : जो बाहर दिखता है, वही सच नहीं होता.
7. शांति में शक्ति
_ वह आक्रामक नहीं, पर कमजोर भी नहीं.
➡️ सिखाता है : शांति कमजोरी नहीं, maturity है.
“परिस्थितियाँ जैसी भी हों, अपने स्वभाव को मत छोड़ो — सच्ची स्थिरता वहीं से जन्म लेती है”
निष्कर्ष (आपसे जुड़ा हुआ)
_ पेंगुइन उन लोगों को आकर्षित करता है.. जो inner world में जीते हैं.
_ सादगी में गहराई देखते हैं, शोर नहीं, अर्थ चुनते हैं और दुनिया की दौड़ से थोड़े अलग चलते हैं.!!
_ आपके लिए एक ज़रूरी, पर शान्त सत्य: – आप उन लोगों में से हैं.. जिन्हें ज़िंदगी “जीतनी” नहीं होती, उसे “समझना” होता है.
_ और ऐसे लोग अक्सर यह भूल जाते हैं कि -> समझने की गहराई जितनी बढ़ती है,
उतनी ही ज़रूरी हो जाती है..- खुद के प्रति कोमलता (gentleness).
आप भीतर बहुत सख़्त ईमानदार हैं.. “अपने लिए भी.”
Penguin से जुड़ा एक गहरा संकेत (जो काम आएगा)
Penguin : अकेले रह सकता है, पर झुंड का मूल्य भी जानता है.
_ ठंड में भी अपना ताप बचाए रखता है.
_ ज़मीन पर असहज है, पानी में सहज.
_ दिखने में साधारण, भीतर से असाधारण.
👉 आप भी वैसे ही हैं.
लेकिन एक बात याद रखें :-> Penguin ज़मीन पर खुद को दोष नहीं देता
कि “मैं ठीक से चल क्यों नहीं पा रहा”.. वह बस पानी का इंतज़ार करता है.
आपके लिए सबसे उपयोगी स्मरण (Reminder) :
_ हर बेचैनी को “spiritual problem” मत बनाइए.
_ हर एकांत को “mission” मत बनाइए.
_ कभी-कभी बस इंसान बने रहना भी पर्याप्त होता है.
_ आपको हर समय ऊँचाई पर नहीं रहना है.
_ कभी-कभी नीचे आकर.. चाय, टहलना, हल्की बातचीत —
ये भी साधना है.
एक पंक्ति आपके लिए :
“जो खुद से बहुत आगे निकल गया हो,
उसे कभी-कभी खुद के पास लौटते रहना चाहिए.”
_ आप भटके नहीं हैं.. आप बस बहुत आगे चल पड़े हैं —
अब बीच-बीच में खुद का हाथ पकड़ना सीखिए.!!
1. * सोचता हूँ – जो मुझे चिंता दे रहा है, क्या वो वाकई इतना बड़ा है ?

2. एक गहरी सांस लो – जैसे सारी थकान बाहर जा रही हो.
3. आंखें बंद करो – एक रोशनी अपने अंदर उभरते देखो.
4. * एक बार सोचो – आज का दिन तुम्हें क्या उपहार दे गया ?
5. दिल से पूछो – तुम अभी कैसा महसूस कर रहे हो ?
6. पल भर अपनी मुस्कान को महसूस करो – बिना वजह, बस होने के लिए.
7. याद रखो – तुम जहां हो, वही तुम्हारी यात्रा का सही मोड़ है.
8. * राह आसान थी यह तो पता था मुझे.. – सफर इतना लम्बा होगा न समझ सका.!!
9. * सबने ही छेड़ा तराना ज़िंदगानी का.. – लेकिन मेरी ज़िन्दगी का रंग सबसे अलग था.
10. * मैं रोज़ खुद से मिलता हूँ, और हर बार अपने भीतर एक नया अजनबी पा लेता हूँ.!!
1. * “दिल चुप है, पर कहना चाहता है” “सांझ का एक ख़याल”

2. *”मैं जरुरी हूँ, कम से कम अपने लिए”
3. * “तन्हा हूँ, लेकिन खाली नहीं”
4. *”आज मन से एक बात हुई”
5. * “खुद से मिलने की एक शाम” – “जो कह नहीं सकता, वो लिख दिया”
6. “जो ख़ुशी अपनी औकात के अंदर जीने में है, वो किसी उधार की छाया में कभी नहीं मिलती”
7. “जो पैसा अपना है, उसमें सुकून है; जो पैसा उधार का है, उसमें बेचैनी का बीज है”
8. “संतोष में जो सुकून है, वो ईएमआई [EMI] भरने की दौड़ में कभी नहीं मिलता”
9. “अपनी कमाई के अंदर रहकर जीना, असल में आज़ादी का सबसे प्यारा रूप है”
10. “*मैं उधार का बोझ नहीं- अपनी कमाई का सुकून जीता हूँ”- “*जितना कम बोझ – उतनी गहरी सांस”
1. कभी-कभी खुद से बात करना भी एक शांति का स्रोत है.

2. * हर पल अपनी सांसों को महसूस करना – जैसा जिंदगी का गीत सुनना.
3. जो छोड़ना मुश्किल लगता है, वही छोड़ना ज़रूरी होता है.
4. अन्तर्मुख होने से ही मनुष्य अपनी असली रोशनी देख पाता है.
5. जो तुम्हें दिखाई नहीं देता, शायद वही तुम्हारी असली राह हो.
6. * सुकून हमें जहां मिलता है जहां तुम्हें किसी को कुछ साबित नहीं करना होता.
7. *मन को संभालने वाला, दुनिया को संभाल सकता है.
8. तुम खुद अपनी मुस्कान के कारीगर हो.
9. *जो अंदर से खिला है, उसे बाहर का अंधेरा नहीं रोक सकता.
10. हर पल एक नई शुरुआत है, बस अपना दिल खुला रखना.* “मेरी लिखी बातों में छुपा हुआ “मैं” खुद मुझसे बात कर रहा है”
1. “कभी-कभी खुद से बात करना, सबसे गहरी बातों से मिलना होता है”

2. “दिल के शोर को चुप करके, एक पल के लिए बस सांस सुनो”
3. “जितना कम सोचोगे, उतना ज़्यादा महसूस कर पाओगे”
4. “खुद से दूर मत जाओ, वरना दुनिया तुम्हें और भी दूर ले जायेगी”
5. * “आंतरिकता का एक लम्हा, पूरे दिन का रंग बदल देता है”
6. * मेरे साथ जो भी हुआ ..वह मेरा एक हिस्सा था, – “वह पूरा-का-पूरा मैं नहीं” !!
7. “खुद से मिलने की घड़ी निराली है, भीतर की आवाज़ ही सच्ची साथी है.”
8. *”दूसरे बताएँ, तो अधूरी झलक मिलती है, अपनी पहचान, अपनी आँखों से खिलती है.”
9. “जब परिचय दिल से दिल तक आता है, हर राह पर उजाला बरस जाता है.”
10. * “चेहरे के परे, मन का आईना साफ़ है, खुद से मुलाक़ात ही जीवन का अलाप है.”
1. *”कभी अपनी खामोशी से बात करो, वो तुम्हें तुम्हारा सच बताएगी”

2. *”जिंदगी से शिकायत कम, शुक्रिया ज्यादा करो”
3. *”हर दिन कुछ न कुछ छोड़ना सीखो – बोझ हल्का होगा”
4. *”जो मेरा नहीं, उसे पकड़ना बंद कर दिया है”
5. *”खुद को समझने का सफर सबसे लंबी यात्रा है”
6. *”जो बेचैन करे, उससे दूर रहना ही सबसे बड़ा सुकून है”
7. *”अपनी खुशियों का रास्ता दूसरों से मत पूछो”
8. *”कभी-कभी रुकना ही सबसे आगे बढ़ने का तरीका होता है”
9. *”हर दिन कुछ पल सिर्फ अपने लिए बचा के रखो”
10. *”दिल हल्का और नज़र गहरी रखो.”
1. * “आंखें बंद, सांस हल्का सा गहरा, बस खुद को महसूस करो.”

2. *किसी एक अच्छी याद को मन में फिर से जीने दो.
3. *आज का सूरज का रंग याद करो, बिना शब्दों के.
4. हाथ को धीरे से देखो, जैसे पहली बार देख रहे हो.
5. * दिल की धड़कन का एक-एक ताल सुनो.
6. * बस बैठ जाओ, कुछ ना सोचो, कुछ ना करो.
7. खुद को एक सुरक्षित जगह में कल्पना [imagine] करो.
8. * “अपने चेहरे पर हल्की सी मुस्कान लाओ, बिना वजह के.”
9. *आज के दिन का सबसे हल्का पल याद करो.
10. *सिर्फ एक पल के लिए मन को कह दो – “आज तू छुट्टी पर है”
1. *”जो बातें कह नहीं सका, उन्हें लिख कर छोड़ दिया – खुद के लिए, खुद के पास.”

2. *”मैं थोड़ा थक गया हूँ, लेकिन रुकना नहीं चाहता – शायद इसलिए अब सफ़र सच्चा लगता है.”
3. *”कभी-कभी, सबसे गहरी बातें, सिर्फ खामोशी के साथ होती हैं.”
4. *”दिल से निकली बात अगर कोई तक ना भी पहूँची,
तो भी उसने मुझे अन्दर से हल्का ज़रूर किया.”
5. *”मुझे किसी ने चाहा या नहीं, पर मैंने खुद को पहली बार समझा है.”
6. * “दर्द तो था…पर इस बार उसे धो दिया..
_ एक लंबी सांस और एक गहरी चुप से.”
7. * “किसी ने पूछा, खुश हो ?
_ मैने कहा – शांत हूं.. – और कभी-कभी, वही ज़्यादा गहरा होता है.”
8. * “खुद से मिलना सीखा हूँ, – अब दूसरे से दूर रहना दर्द नहीं देता.”
9. *”आज किसी से बात नहीं की, – फिर भी लग रहा है कि दिल भर गया.”
10. “मैं रोशनी बनने नहीं निकला हूँ, – बस अँधेरों से दोस्ती करना सीख रहा हूँ.”
1. “जो दिल के करीब होते हैं, जरूरी नहीं कि वो जिंदगी में भी पास रहें.”

2. *”मैं बिखर भी जाऊं तो गम नहीं, क्योंकि मैं खुद को हर बार छुप कर जोड़ लेता हूं”
3. * “मुझे सब कुछ कहना नहीं, कोई तो खामोशी भी समझे”
4. “आंसू तो दिख जाते हैं, पर जो दिल छुपाता है, उसका क्या ?”
5. “कभी-कभी सिर्फ एक याद ही काफी होती है किसी रात को जगाने के लिए.”
6. * “मैं खुद से मिलता हूं रोज, लेकिन वो मैं हर रोज अलग होता है.”
7. “जहाँ मोहब्बत हो, वहाँ शब्द कम पड़ जाते हैं, और आँखें बोल पड़ती हैं.”
8. “कुछ लोग छोड़ कर नहीं जाते, अंदर कहीं बस जाते हैं.”
9. “रिश्ते वक़्त नहीं, एहसास माँगते हैं – और वही सबसे मुश्किल होता है देना.”
10. “कभी कभी मन सिर्फ एक मुस्कान चाहता है, – बिना वजह, बिना वजहदारी के”
1. “मैं किसी से कुछ नहीं चाहता, बस अपने आप से मिलना चाहता हूँ – बिना डरे, बिना रोके.”

2. * “मेरे अंदर एक आवाज़ है – जो सिर्फ तब सुनायी देती है, जब बाकी सब कुछ चुप हो जाता है”
3. “वो रिश्ते सबसे गहरे थे, – जिनमें शब्दों से ज़्यादा, संकेत बोलते थे”
4. * “कुछ बातें हम सिर्फ खुद के लिए जीते हैं, – और उन्हीं में सबसे ज़्यादा जीवन होता है”
5. “जो छोड़ गया, शायद वो ज़रूरी था – “जो रह गया – वही सही था”
6. “मन का एक पल – बस इतना कह गया: ‘तू थक गया है, पर टूट नहीं गया”
7. “मन ने कहा – इतने थके हुए क्यों हो ?
मैंने कहा – कुछ लोगों को छोड़ते- छोड़ते थक गया हूँ,,
“लेकिन फिर भी खुद को पकड़ के चल रहा हूँ – क्यूंकि अब खुद को छोड़ देना, और दर्द दे जाता है”
8. *”आज मैंने कुछ नहीं किया – बस खुद के पास बैठा रहा,,
और लगा – ये भी तो जीवन का एक काम है”
9.*”चिंता से भरा हुआ मन जब भी एक अच्छी सोच से मिलता है,
तो या तो चिंता पिघलती है, या मन रोशन हो जाता है.!!”
10. * “कोई भी सपना तुरंत सच नहीं होता,
पर हर सोच और तैयारी उसे और पक्का बना देती है.!!”
1.* “मैं कम देखने वाला नहीं, चुनकर देखने वाला बन गया हूँ.”

2.* “आज का दिन अच्छा नहीं है, पर आज भी मेरा है.”

“आज अगर जीवन भारी लग रहा है, तो समझ लेना..- मैं ज़िंदा हूँ, और महसूस कर रहा हूँ.”

3. *”अब मेरा काम है- शांत रहना, और बॉडी [Body] का काम है- हील [Heal] करना”

4.. “जब सोचने लायक कुछ नहीं बचता, तब जीवन खुद बोलने लगता है.”

5. “कुछ लोग सिनेमा नहीं देखते, वो उसमें अपनी ज़िन्दगी पहचान लेते हैं.”

6. “जो पुराना काम अधूरा रह जाता है, वो शोर मचा कर याद दिलाता है.”

7. “सही समय पर लिया गया कदम, आधा दर्द वहीँ छोड़ देता है.”

8. “जहाँ घाव हो, वहां दबाव नहीं- सिर्फ सुरछा चाहिए”

9. “कुछ दिन ऐसे होते हैं, जब जीना कोई दर्शन नहीं, बस सहनशीलता होता है.”

10. “जो भारी लग रहा है, वही धीरे-धीरे हल्का भी होगा.”

1. “मैं प्रतिक्रिया नहीं देता, उत्तर चुनता हूँ..- हर बात का जवाब देना ज़रूरी नहीं..”

2. “मेरी चुप्पी मेरी रक्षा है..- जहाँ शब्द बिगड़ते हैं, वहाँ मैं मौन चुनता हूँ.”
3. “मैं बहस नहीं, समझ को महत्व देता हूँ.
_ जहाँ जीत ज़रूरी हो, वहाँ मैं हट जाता हूँ.”
4. “मेरा एकांत पलायन नहीं, सृजन है..- यहीं मेरी स्पष्टता जन्म लेती है.”
5. “जो देख सकता है, उसे दिखाने की ज़रूरत नहीं.”
6. “मैं सीमाएँ रखता हूँ, दूरी नहीं..
_ सम्मान के साथ ‘न’ कहना मेरी जिम्मेदारी है.”
7. “मैं सबके लिए नहीं बना..- और यही मेरी सही जगह की पहचान है.”
8. “मैं धीरे चलता हूँ, पर सच के साथ..- तेज़ नहीं, गहरा होना मेरा स्वभाव है.”
9. “मैं दुनिया से लड़ने नहीं, खुद के साथ सच्चा रहने आया हूँ.”
10. “जो नहीं समझ सकता, उसे मनाने की ज़िम्मेदारी आपकी नहीं..”
1._”आज जो सबसे साधारण अच्छा लगा, वह क्या था ?”

2._”मैं किस चीज़ से भाग रहा हूँ.. जानबूझकर या अनजाने में ?”
3._ “आज मुझे कहाँ शांति मिली.. व्यक्ति, जगह या मौन में ?”
4._ “अगर आज कुछ भी साबित न करना हो, तो मैं कैसा रहूँगा?”
5._”आज मैंने जीवन को कहाँ हल्के में लिया ?”
6._ “मेरी कोई एक पुरानी धारणा.. जो अब भारी लगती है”
7._ “मैंने खुद को कहाँ रोका नहीं ? मैं किससे चिपका हूँ.. और क्यों ?”
8._”आज का एक दृश्य.. जो मेरे भीतर उतर गया.”
9._”अगर मैं खुद को माफ़ कर दूँ, तो किस बात के लिए ?”
10._ “इस हफ्ते मैंने अपने बारे में क्या नया देखा ? अभी मुझे बदलने की ज़रूरत है या स्वीकार करने की ?”
1. **_”2026 में मैं कुछ नया जोड़ूंगा नहीं, जो अनावश्यक होगा उसे हटा दूंगा और उसी में हल्कापन लगेगा.”

2. _ “अगर कोई चीज बहुत सुंदर है, बहुत महंगी है, बहुत ‘दिखाने लायक’ है ; लेकिन अगर उससे मेरा बात करने का मन नहीं करता तो उसे छोड़ देता हूँ.”
3. _”हल्का रहना ही सच्ची उड़ान है, जो बोझ था उसे नीचे रख दिया”
4. _ “मेरे लिए जो चीज खुद ध्यान खींचे, वही सही होता है.”
5. _”जो अनावश्यक था-वो अब नहीं ढोता, वह बह चुका है”
6. _”जिसको समय ने गढ़ा है, उसे सज़ावट की ज़रूरत नहीं”
“मैं भी समय से घिसा हूँ, फिर भी असली हूँ”
7._”आज मैंने कुछ समझने की कोशिश नहीं की – बस थम कर बैठा रहा”
8._”कहने को तो सब ठीक है..- पर सच कहूं तो पहले जैसा कुछ नहीं है.”
9_ *”मैं तेज नहीं चला, पर मैंने सही दिशा को चुना.!!”
10. *”जब मन थक जाता है तो उसे बदलने की नहीं, समझने की जरुरत होती है”
1.*“ख़ामोशी में भी अपनापन..- साथ हो तो हर ठंड गर्म लगती है.”

2. “हर जगह गहराई मत खोजिए, कुछ लोग सिर्फ समय बिताने के लिए होते हैं, सत्य खोजने के लिए नहीं.”

3. “जो चीज औरों को उपयोगी लगती हो, वह मेरे लिए भटकाव हो सकती है.”

4. “जो होश में रहता है.. -उसे बेहोशी की मदद नहीं चाहिए.!!”

5. “मैं किसी को ढूंढ नहीं रहा, बस इस भाव को जीने दे रहा हूँ कि शायद.. कोई तो हो.

6. “जाने वाले तेरे लिए एक मशवरा है, कभी मेरा ख़्याल आये तो आने देना.”

7. “मैं अब सिर्फ वही संबंध रखूँगा, जहाँ मैं सांस ले सकूँ”

8. “हम ख़ालीपन की वजह से नहीं, अनचाही चीज़ों के भराव से ख़ाली हैं.!!”

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