एक समय ऐसा आया जब मैंने अपने जीवन पर नजर डाली और महसूस किया कि मैंने बहुत सारी चीजें जमा कर ली हैं..
_ और अगर मैं अपनी भौतिक संपत्ति को त्याग नहीं पाता, तो मैं कभी भी उन चीजों को हासिल नहीं कर पाऊंगा जो मेरे लिए सबसे ज्यादा मायने रखती हैं.
_ मुझे यह एहसास हो रहा था कि भौतिक वस्तुएँ मेरे लिए वह काम नहीं कर रहा था, जैसा मैं सोचता था.
1. Peace of mind.
मुझे एहसास ही नहीं था कि मैं अपनी चीज़ों को लेकर कितना चिंतित रहता था, जब तक मैंने उन्हें जाने नहीं दिया.
_ अचानक मुझे मानसिक और भावनात्मक ऊर्जा फिर से मिल गई, और अचानक एहसास हुआ कि – मैं आज़ाद हूँ.
_ अपनी चीज़ों को छोड़ने पर मुझे ऐसा ही महसूस हुआ.
_ मुझे मुश्किल से याद आया कि मुझे उनकी इतनी ज़रूरत क्यों थी.
_ छोड़ने से मुझे बहुत शांति मिली.
2. Impulse control. [आवेग नियंत्रण]
जब से मैंने बेवजह की खरीदारी बंद की है, तब से एक अद्भुत बदलाव आया है.
_ मैं किसी स्टोर या किसी भी किराने की दुकान में जाता हूँ और केवल वही चीजें खरीदता हूँ.. जिनकी मुझे ज़रूरत है,
_ और अगर वहाँ वह चीज़ नहीं है.. जो मैं ढूंढ रहा हूँ, तो खाली हाथ वापस आ जाता हूँ.
3. Health and happiness.
कम सामान के साथ रहने से मैं वास्तव में ज़्यादा स्वस्थ और खुश हूं.
_ शायद इसलिए क्योंकि मैं ज़्यादा सोता हूं, कम काम करता हूं और पैसों को लेकर कम तनाव महसूस करता हूं.
4. Freedom to pursue my dreams. [अपने सपनों को साकार करने की स्वतंत्रता]
मैं उन चीज़ों को पूरा कर पा रहा हूँ, जो मेरे लिए वाकई मायने रखता है,
_ क्योंकि अब मैं अपनी भौतिक चीज़ों से इतना आसक्त नहीं हूँ ;
_ अब वो काम कर पा रहा हूँ, जो मुझे पसंद है.
_ और इस तरह की आज़ादी मेरे लिए मायने रखती है.
5.** A more nuanced understanding of “responsibility.”
[“जिम्मेदारी” की अधिक सूक्ष्म समझ।]
_ मुझे लगता था कि मैं अपनी ज़्यादातर चीज़ें नहीं छोड़ सकता – क्योंकि यह “जिम्मेदाराना” नहीं होगा.
_ मैंने यह सीखा है कि ज़िम्मेदारी हर किसी के लिए अलग-अलग होती है, और ज़िम्मेदार होने का एक हिस्सा अपने आध्यात्मिक और भावनात्मक स्व का ख्याल रखना भी है, जो भौतिक से परे है.
_ दूसरे शब्दों में, क्या होगा अगर “जिम्मेदार” होने का एक हिस्सा यह भी हो कि आप अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुनें, जब वह आपको हर सुबह काम पर जाते समय या अपने घर की अव्यवस्था को देखते समय बताती है कि आपको घुटन हो रही है ?
6. Extra cash.
मुझे लगता था कि मैं मुश्किल से अपने खर्च लायक ही कमा पाता हूँ, मेरे पास कोई क्रेडिट कार्ड नहीं है.
_ मैंने जो फैसले लिए हैं, वे शायद सबके लिए कारगर न हों,
_ लेकिन मैंने यह सीखा है कि अक्सर हमारे बजट में ऐसी जगह होती है.. जिसके बारे में हमें पता ही नहीं होता,
_ और जब उन चीजों को छोड़ दिया.. जिन्हें मैं वास्तव में नहीं चाहता था, तो मुझे ऐसे अनमोल अनुभव मिले.. जो मुझे अन्यथा कभी हासिल नहीं हो पाते.
7.** Once in a lifetime experiences. [जीवन में एक बार मिलने वाले अनुभव]
मैं हर महीने अपने पैसों का एक छोटा हिस्सा यादगार अनुभव संजोने के लिए बचाकर रखता हूँ.
_ मुझे अनुभव पर पैसा खर्च करने का कभी पछतावा नहीं होता.
_ मैं हमेशा यादगार अनुभव संजोने की कोशिश करते रहता हूँ, इसलिए मैं अक्सर यात्रा करते रहता हूँ.
_ मुझे नई जगहों को घूमना और अपने जैसे दोस्तों के साथ दिल खोलकर समय बिताना पसंद है.
8. Courage. [साहस]
यह जानकर हैरानी होती है कि जब मेरा जीवन मेरी चीज़ों के इर्द-गिर्द घूमता था, तब मैं कितना डरा हुआ था.
_ मुझे अपनी चीज़ों के बारे में बार-बार बुरे सपने आते थे.
_ पर जब से मैंने अपनी चीज़ें छोड़ी हैं, तब से मुझे जो साहस मिला है, उसे देखकर मैं दंग रह गया हूँ.
_ क्योंकि अब मेरी चीज़ें मुझे परिभाषित नहीं करतीं, इसलिए मैं उन चीज़ों के लिए ज़्यादा रिस्क उठा पाता हूँ.. जो मेरे लिए सच में मायने रखती हैं.
9. A developed sense of self. [आत्मबोध का विकसित होना]
लंबे समय तक मुझे लगता था कि मेरे पास जो कुछ भी है, वह मेरे बारे में कुछ बताता है, और शायद एक तरह से यह सच भी है.
_ लेकिन अब मैं जान गया हूँ कि मेरा आत्मसम्मान कहीं अधिक गहरे और सुरक्षित स्रोत से आता है, इसकी कोई कीमत नहीं लगाई जा सकती.
10. Better relationships. [बेहतर रिश्ते]
अब मेरे लिए किसी ऐसे हानिकारक रिश्ते में पड़ने की संभावना कम है जो मेरी सारी ऊर्जा [energy] छीन लेता है.
_ अब मेरे लिए उन छोटी-छोटी बातों को नज़रअंदाज़ करना आसान हो गया है.. जिनका कोई महत्व नहीं है – क्योंकि अब मैं समझता हूँ कि क्या मायने रखता है.
_ मेरा जीवन परिपूर्ण नहीं है, लेकिन मैं पहले से कहीं अधिक खुश और संतुष्ट हूँ और मैं कभी पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहूँगा.!!