सुविचार 3857
आपके सामने जो दूसरों की बुराई करता है, उससे यह उम्मीद मत रखिए कि,
वह दूसरों के सामने आपकी तारीफ़ करेगा.
वह दूसरों के सामने आपकी तारीफ़ करेगा.
It doesn’t matter what we want, once we get it, then we want something else.
चुप रह कर कायर बनने से अच्छा है, कि वहां बोलकर बदतमीज बन जाओ.
_ बाहर से हंसते हुए चेहरे भी अपने अंदर दुख का अथाह सागर समेटे होते हैं,,
अपने जीवन में उसकी अहमियत कम कर दो.
जो हमारी छमताओं का सही आभास हमें कराता है.