सुविचार 3826

वो सारे काम अपने जीवन में लाइए जिनसे ऊँचे विचार बढ़ते हैं, मन में सफ़ाई आती है, दृष्टि में पैनापन आता है.

अच्छी, ऊँची, किताबें पढ़िए ! दुनिया में ख़ूब भ्रमण करिए ! अलग-अलग लोगों को, उनके देशों को, उनकी संस्कृतियों को समझिए !

अपनी सीमाओं को चुनौती दीजिए ! कलाओं में महारथ हासिल कीजिए !
इन सब चीज़ों को जीवन में महत्व दीजिए.

हमें एक ऎसी संस्कृति चाहिए, जो जीवन जीने की कला और जीवन को शान्ति से जीने की आस्था और निष्ठां पर खड़ी हो.

सुविचार 3825

कुछ लोग आपसे इसलिए भी ईर्ष्या करने लग जाते हैं,

_ कि आपकी सही बात उन्हें कड़वी लग जाती है.

सुविचार 3824

हर कोई एक निश्चित उम्र के बाद अपने खुशहाल घरों और प्यारे लोगों के साथ व्यस्त रहता है, सिवाय आपके..!!

सुविचार 3823

अगर आप किसी के बारे में बुरा सोचना शुरू करते हो ! तो कुछ समय पश्चात दूसरे के अंतर्मन को भी यह खबर लग जाती है !

और वह भी आपके बारे में बुरा सोचना शुरू कर देता है…

सुविचार 3822

कर्म का फ़ल व्यक्ति को उसी तरह ढूँढ लेता है, जैसे एक बछड़ा खो जाने पर सैंकड़ों गायों में अपनी माँ को ढूँढ लेता है.

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