सुविचार 3815

अर्थ शब्दों में नहीं होते, _ अर्थ तो सुनने वाले शब्दों में डालते हैं.

सुविचार 3813

“परिपक्वता”, दिखावटी गम्भीरता की मोहताज़ नहीं होती, _ सदैव हँसते हुये चेहरे भी दूसरों की आँखों के आंसुओं को समझने व उन्हें पोंछने की क्षमता रखते है “

सुविचार 3812

” कभी हार मत मानो ” क्या पता कामयाबी आपकी एक और कोशिश का इंतजार कर रही हो..!!

सुविचार 3811

अगर किसी का ज्ञान और अनुभव हमसे कम है, तो वह ज्ञान और अनुभव अर्जित किया जा सकता है.

_ लेकिन अगर हम अपने असभ्य और रूखे व्यवहार से स्वयं को इंसान से बदतर बना लें,

तो क्या वह “इंसानियत” भी अर्जित की जा सकती है ?

“इंसानियत जिंदा है”

_ चाहे कोई लाख कोशिश कर ले, दुनिया में इंसानियत ही जिंदा रहेगी..!!

सुविचार 3810

जीवन के बारे में सोचते समय, यह याद रखें: कोई भी अपराधबोध अतीत को नहीं बदल सकता और कोई भी चिंता भविष्य को नहीं बदल सकती.

When thinking about life, remember this: no amount of guilt can change the past and no amount of anxiety can change the future.

हर दिन थोड़ी चिंता करें ; अगर कुछ गलत है तो, _हो सके तो उसे ठीक कर लें.

_लेकिन अपने आप को चिंता न करने के लिए प्रशिक्षित करें.!

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