सुविचार 4841

जीवन तभी सुंदर हो सकता है …..

जब हम अंदर बाहर दोनों तरह से मजबूत हों हर बात के प्रति जागरूक हों.

सुविचार 4840

किरण चाहे सूर्य की हो या फिर आशा की

” जीवन के सभी अंधकार मिटा देती है “…

सुविचार 4839

सही फैसला लेना काबिलियत नही है,

_ फैसला लेकर उसे सही साबित करना काबिलियत है…

‘सही फैसला वही’ जो लिया जाए, वरना हर ऑप्शन [option] सिर्फ सोच ही बना रहता है.
अगर किसी फैसले के बाद हर दिन आपको खुद को ही तर्क देकर समझाना पड़ रहा है, तो समझ लेना कहीं ना कहीं चूक हो गई है.

_ क्योंकि सही फैसले बार-बार सफाई नहीं मांगते, वो भीतर एक अजीब सा सुकून छोड़ जाते हैं.!!
हर इंसान अपनी आदत से चल रहा है, पर कोई भी फैसला हमें अपनी समझ से लेना चाहिए.
_ फैसला ज़ज़्बात में नहीं, समझ के साथ होना चाहिए
‘हमें अपनी ज़िन्दगी’ यूं ही किसी को नहीं सौंप देना चाहिए, बल्कि अपने जीवन के महत्वपूर्ण फैसले खुद लेने चाहिए.
कोई भी फैसला दबाव और जल्दबाज़ी में लेना संभव नहीं होता, क्योंकि कुछ फैसले ऐसे होते हैं.. जिनमें वापस लौटने की कोई गुंजाइश नहीं बचती.

_ इंसान अक्सर फैसले से नहीं, बल्कि उसके बाद बदल जाने वाली पूरी ज़िंदगी से डरता है, क्योंकि कुछ मोड़ सिर्फ एक बार आते हैं.!!
कई बार कुछ फैसले हमारे सामने लिए जाते हैं.

_ उस समय न तो हमें उनकी पूरी समझ होती है और न ही उन्हें बदल पाने की क्षमता..
_ हम बस उन्हें घटित होते हुए देखते रहते हैं, लेकिन वर्षों बाद, जब उन्हीं फैसलों के दुष्प्रभाव सामने आते हैं, तब समझ तो आ जाती है..
_ पर अक्सर कुछ बदल सकने का अवसर हाथ से निकल चुका होता है.!!
असमंजस की स्थिति में अक्सर हम यह तय नहीं कर पाते कि कौन-सा फैसला सही होगा.

_ मन एक तरफ खींचता है और परिस्थितियाँ दूसरी तरफ..
_ और इसी उलझन में कई बार सही निर्णय लेना मुश्किल हो जाता है.!!

सुविचार 4838

परिस्थितियाँ जितनी ज्यादा आपको तोड़ती हैं..

उससे कहीं ज्यादा आपको मजबूत बना देती हैं…

सुविचार 4837

गरीबों में अच्छा वक़्त आने की उम्मीद रहती है पर,,,

अमीरों को सदा बुरा वक़्त आने का खौफ रहता है ,,!

सुविचार 4836

पसीने की स्याही से जो लिखते हैं अपने इरादों को,

उनके मुकद्दर के पन्ने कभी कोरे नही हुआ करते…

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