सुविचार 3234
दैनिक जीवन के ताप में तप कर प्रेम पवित्र हो जाता है.
दैनिक जीवन के ताप में तप कर प्रेम पवित्र हो जाता है.
हिम्मत नहीं तो प्रतिष्ठा नहीं और विरोधी नहीं तो प्रगति नहीं.
प्रयास आप भी करो ” किसी की यादें बनने का !”
इससे हमे हौसला मिलता है, उम्मीद मिलती है, हमे जीने की प्रेरणा मिलती है.
क्योंकि हमारे ध्यान दिये बिना विचारों के पास कोई शक्ति नहीं होती है.
वो आपको कभी भी जीवन में आगे नहीं बढ़ने देगा.