सुविचार 3389

भीड़ से अलग निकलना ही है “ज़िंदगी”

भीड़ में सब लोग अच्छे नहीं होते, और अच्छे लोगों की भीड़ नहीं होती..!!

सुविचार 3388

दुश्मन बनाने के लिए ज़रूरी नहीं की आप लड़ाई करें,_

“बस हक़ और सच बोलें” बेशुमार दुश्मन आपको अपने खानदान में ही मिल जायेंगे.

सुविचार 3387

आसान ज़िन्दगी की कामना न करें, बल्कि दुआ करें कि …आपको

_ ज़िन्दगी की मुश्किलों का, सामना करने की ताकत मिले _ “जिंदगी न मिलेगी दुबारा”

सुविचार 3385

आज जिस दौर में हम जी रहे हैं वहाँ _ सहानुभूति से ज्यादा “समानुभूति” की जरूरत है,

जैसे सुधार के लिए आलोचना से ज्यादा ‘समालोचना’ की जरूरत होती है !

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